“Taaqat Hain Jiske Paas” Song Details:
| Movie: | Bepanaah |
| Singer(s): | Kishore Kumar, Mahendra Kapoor, Suresh Wadkar |
| Lyricist(s): | Muqtida Hasan Nida Fazli |
| Composer(s): | Mohammed Zahur Khayyam |
| Music Director(s): | Mohammed Zahur Khayyam |
| Genre(s): | Dance |
| Director(s): | Jagdish Sidana |
| Music Label: | © Saregama |
| Starring: | Shashi Kapoor, Mithun Chakraborty, Poonam Dhillon, Rati Agnihotri, Dheeraj Kumar, Kader Khan, Suresh Oberoi |
| Release on: | 6th September, 1985 |
ओ हो झूठ का मोल हैं क्या
सच की हैं कीमत कितनी
देखना चाहो तो बाजार में
आके देखो
ऊ फलसफों से कहा आती हैं
समझ में दुनिया
ज़िन्दगी क्या हैं
किताबों को हटा के देखो
ताक़त हैं जिसके पास
ताक़त हैं जिसके पास
अदालत उसी की हैं
ताक़त हैं जिसके पास
अदालत उसी की हैं
दौलत है जिसके पास
अरे दोलत है जिसके पास
शराफत उसी की हैं
दोलत हैं जिसके पास
शराफत उसी की हैं
दुनिया से अगर डरोगे
तो दुनिया सतायेगी
दुनिया से अगर डरोगे
तो दुनिया सतायेगी
जितना कोई दबेगा
ये उतना दबायेगी
अरे जितना कोई दबेगा
ये उतना दबायेगी
तुम सर उठाओगे तो
ये सर को झुकायेगी
सर को उठा के जो चले
है सर को उठा के जो चले
इज्जत उसी की हैं
है सर को उठा के जो चले
इज्जत उसी की हैं
ताक़त हैं जिसके पास
अदालत उसी की हैं
किस्मत हैं एक फरेब फरेब
किस्मत हैं एक फरेब
गरीबी है एक गुनाह
अरे जिस दिल में हौसला हैं
जिस दिल में हौसला हैं
वही दिल हैं बेपनाह बेपनाह
बेपनाह बेपनह बेपनाह
जिस दिल में हौसला हैं
वही दिल हैं बेपनाह
कोई फ़क़ीर हैं लो यहाँ
कोई बादशा
हिमत हैं जिसके पास
अरे वह भाई हिमत हैं
जिसके पास हकूमत उसी की हैं
हिमत है जिसके पास
हकूमत उसी की हैं
ताक़त हैं जिसके
पास अदालत उसी की हैं
हो ओ मिलती हैं रामचंदर
को वनवास की सजा
तक़लिब दे ये वो समाज हैं
ओ हो किसे कहानिया हैं
अहिंसा के सारे बोल
गांधी को कतल करने का
अब भी रिवाज हैं
सचाई आग हैं इस आग में न जल
सचाई आग हैं इस आग में न जल
टेड़ा समाज हैं ऊधि डागर न चल
टेड़ा समाज हैं ऊधि डागर न चल
तक़दीर कुछ नहीं तक़दीर तो बदल
किस्मत जो खुद बनाये
है किस्मत जो खुद बनाये
ये किस्मत उसी की हैं
किस्मत जो खुद बनाये
किस्मत उसी की हैं
ताक़त हैं जिसके पास
अदालत उसी की हैं
दोलत हैं बेपनाह
तो ताक़त हैं बेपनाह
दोलत हैं बेपनाह
तो इज्जत हैं बेपनाह
दोलत हैं बेपनाह
तो ताक़त हैं बेपनाह
दोलत हैं बेपनाह
तो इज्जत हैं बेपनाह
दोलत हैं बेपनाह
तो शोगारत हैं बेपनाह
हिमत हैं बेपनाह
ताक़त हैं बेपनाह
जो बड़के खुद उठा ले हा हा
जो बड़के खुद उठा ले
ये दोलत उसी की हैं
जो बड़के खुद उठा ले
ये दोलत उसी की हैं
ताक़त हैं जिसके
पास अदालत उसी की हैं
ताक़त हैं जिसके
पास अदालत उसी की हैं.


