जितनी लिखी थी मुक़द्दर में Jitni Likhi Thi Muqaddar Me Lyrics

जितनी लिखी थी मुक़द्दर में Jitni Likhi Thi Muqaddar Me Lyrics Lyrics

“Jitni Likhi Thi Muqaddar Me” Song Details:

Movie: Nai Roshni
Singer(s): Mohammed Rafi
Lyricist(s): Rajendra Krishan
Composer(s): Ravi Shankar Sharma (Ravi)
Music Director(s): Ravi Shankar Sharma (Ravi)
Genre(s): Playful
Director(s): C.V. Sridhar
Music Label: © Saregama
Starring: Ashok Kumar, Mala Sinha,Raaj Kumarm, Biswajeet, Pahadi Sanyal, Sailesh Kumar, Asit Sen, Anwar Hussain
Release on: 1st March, 1967

जितनी लिखी थी मुक़द्दर में
हम उतनी पी चुके
जितनी लिखी थी मुक़द्दर में
हम उतनी पी चुके
अब तो दिन मरने के है
जितना जीना था जी चुके
जितनी लिखी थी मुक़द्दर में
हम उतनी पी चुके

ये ज़माने अब न आना
हमको समझाने कभी
ये ज़माने अब न आना
हमको समझाने कभी
अपनी कह ली सबकी सुन ली
होठ अब तो सी चुके
अपनी कह ली सबकी सुन ली
होठ अब तो सी चुके
अब तो दिन मरने के है
जितना जीना था जी चुके
जितनी लिखी थी मुक़द्दर में
हम उतनी पी चुके

अब हमारी खुश्क आँखों में
न कुछ ढूंढे कोई
अब हमारी खुश्क आँखों में
न कुछ ढूंढे कोई
अश्क जितने इन में थे
हम पी चुके हम पी चुके
अश्क जितने इन में थे
हम पी चुके हम पी चुके
अब तो दिन मरने के है
जितना जीना था जी चुके
जितनी लिखी थी मुक़द्दर में
हम उतनी पी चुके

ज़िन्दगी और मौत दोनों
एक है अपने लिए
ज़िन्दगी और मौत दोनों
एक है अपने लिए
अब किसी को क्या बताये
मर चुके या जी चुके
अब किसी को क्या बताये
मर चुके या जी चुके
अब तो दिन मरने के है
जितना जीना था जी चुके
जितनी लिखी थी मुक़द्दर में
हम उतनी पी चुके


घर से बेघर हो गए
अब घर की याद आये तो क्यों
घर से बेघर हो गए
अब घर की याद आये तो क्यों
ज़िन्दगी पीछा न कर
हम जी चुके हम जी चुके
ज़िन्दगी पीछा न कर
हम जी चुके हम जी चुके
जी चुके जी चुके जी चुके जी चुके.

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