घर से दूर Ghar Se Door Lyrics

घर से दूर Ghar Se Door Lyrics Lyrics

“Ghar Se Door” Song Details:

Album/Label: The Power Of Dreams Of A Kid
Singer(s): Badshah
Lyricist(s): Badshah
Music Director(s): Badshah
Genre(s): Sad
Music Label: © Badshah
Release on: 7th August, 2020

बैठा हूँ मैं फ्लाइट में
मैनेजर है साइड में
तारे मेरी साइड में
जागा पूरी नाइट मैं

खाली बैठूँ जो मैं
होती एंग्जायटी
पागल वागल लगता है
क्या बोलेगी सोसाइटी

अपनी बच्ची से दूर हूँ
देखा नहीं कब से
काम काम काम बस
दूर हुआ सबसे

मम्मी का फोन काटूँ
कभी कभी पापा को डाँटूँ
करूँ सीधे मुंह ना बात मैं
भूला अपनी औकात मैं
हुआ बर्बाद मैं


जागूँ पूरी रात मैं
कोई नहीं साथ में
जागूँ पूरी रात मैं
अपनी ही याद में
जागूँ पूरी रात मैं
देखूँ अपने हाथ मैं
जागूँ पूरी रात मैं
अपनी ही याद में

अए अए 6 शेहरों में घर
फिर भी घर से हूँ दूर मैं
मौज मैं करता हूँ या हूँ मजबूर मैं
क्या ही करूंगा होके इतना मशहूर मैं
जो मिट्टी में ही मिलना है सबने
सोऊंगा तभी तो देख पाऊँगा मैं सपने
इस ज़िंदगी से अब सर लगा खपने
जाने क्यूँ लोग मेरे नाम लगे जपने
जिनसे मिला भी नहीं उनकी भी
राय है मेरे बारे में
लोग अफवाह है फैलाएँ मेरे बारे में
जलने वाले गाने बनाएँ मेरे बारे में
माँ बाप को बातें बताएं मेरे बारे में

अए
इतना तो नाम नहीं जितना बदनाम हूँ
फिर भी सबकुछ करता सरे आम हूँ
गालियाँ सुन के भी रेहने लगा क्लाम हूँ
नाम बादशाह पर अपने फ़ेम का गुलाम हूँ
पब्लिक फ़िगर हूँ पब्लिक प्रॉपर्टि नहीं
मैं लोगों के रवैये से थोड़ा हैरान हूँ
बिलकुल तुच्चे से मुझ में भी दिल है
लोग भूल जाते है की मैं भी इंसान हूँ

जागूँ पूरी रात मैं
कोई नहीं साथ में
जागूँ पूरी रात मैं
अपनी ही याद में
जागूँ पूरी रात मैं
देखूँ अपने हाथ मैं
जागूँ पूरी रात मैं
अपनी ही याद में

टॉप पे खड़ा हूँ फिर भी रोने का मन है
भाग के थक्क गया हूँ सोने का मन है
जो भी कमाया सब खोने का मन है
एकदम से ही गायब होने का मन है
ये ज़िंदगी भूल जाने का मन है
फिर से वापस स्कूल जाने का मन है
दुनिया के लिए मर जाने का मन है
मेरा वापस घर जाने का मन है.

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