सांस Saans Lyrics

सांस Saans Lyrics Lyrics

“Saans” Song Details:

Label: Zee Music Company
Singer(s): Kevy Chahal
Lyricist(s): Kevy Chahal
Music Director(s): Giri.G
Genre(s): Hip Hop
Music Label: © Zee Music Company
Starring: Kevy Chahal

सांस लेने में तकलीफ क्यूँ हो रही है
ना जाने मेरी किस्मत कब से सो रही है
और कितना करूँ सबर मैं
जीत की ना कोई खबर है

सांस लेने में तकलीफ क्यूँ हो रही है
ना जाने मेरी किस्मत कब से सो रही है
और कितना करूँ सबर मैं
जीत की ना कोई खबर है

जीता था मैं खुल के
अब कैदी सा हो रहा हूँ
खुले दरवाज़ों पे मैं खड़ा
मान पिंजरों में सो रहा हूँ
किस्मत को ताने देके
काइ को रो रहा हूँ..

कॉम्पटीशन की दुनिया में
हर रोज़ फ्लॉप हो रहा हूँ
इसी का नाम जीना है
जीने में हमारी ख्वाहिशें
ज़्यादा हो रहीं हैं


सांस लेने में
तकलीफ कहे को हो रही है
येह.. तकलीफ काइ को हो रही है
हाँ.. तकलीफ काइ को हो रही है
तकलीफ काइ को हो रही है
तकलीफ काइ को हो रही है

सांस लेने में तकलीफ क्यूँ हो रही है
ना जाने मेरी किस्मत कब से सो रही है
और कितना करूँ सबर मैं
जीत की ना कोई खबर है

सांस लेने में तकलीफ क्यूँ हो रही है
ना जाने मेरी किस्मत कब से सो रही है
और कितना करूँ सबर मैं
जीत की ना कोई खबर है

नाम सीतासि भीड़ में
खुद का नाम खो रहा
अमृतसर का लड़का था
मुम्बईकर सा हो रहा है
नाम बनाने आया था
बे नाम सा हो रहा
पैदल ही चलते चलते
गलियों से दोस्ती हो रही हैं

यहाँ लोग रोड पे सोते हैं
और कुत्तों की गाड़ियों में
सेवा हो रही है, सेवा हो रही है
सांस लेने में
तकलीफ काइ को हो रही है

सांस लेने में तकलीफ क्यूँ हो रही है
ना जाने मेरी किस्मत कब से सो रही है
और कितना करूँ सबर मैं
जीत की ना कोई खबर है

सांस लेने में तकलीफ क्यूँ हो रही है
ना जाने मेरी किस्मत कब से सो रही है
और कितना करूँ सबर मैं
जीत की ना कोई खबर है

खुल के रोना जैसे सपना सा हो रहा है
पलकों के पीछे आंसुओं का समुंद सो रहा है
कुछ हो रहा है
अब बेचैन दिल को केहना भी चाहूँ
पर कैसे बदलूँ फितरत को

चार दिवाली से ज्यादा
टाइम बिताया है सड़कों पे
इंसानों के विचार देखो
ना जाओ उनके कपड़ो पे
इंशॉफ के लफड़ों पे

बिन बोले कुछ दुःख दर्द
सेह चुप चुप रो रही है ना
रो रही है ना
सब खिलाती है हमे फिर भी खुद
भूखी सो रही है माँ, सो रही है माँ

सांस लेने में तकलीफ क्यूँ हो रही है
ना जाने मेरी किस्मत कब से सो रही है
और कितना करूँ सबर मैं
जीत की ना कोई खबर है

सांस लेने में तकलीफ क्यूँ हो रही है
ना जाने मेरी किस्मत कब से सो रही है
और कितना करूँ सबर मैं
जीत की ना कोई खबर है..!

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