अफ़साने Afsanay Lyrics

अफ़साने Afsanay Lyrics Lyrics

“Afsanay” Song Details:

Album/Label: A Tale Of Two Talhas
Singer(s): Talhah Yunus, Talha Anjum
Lyricist(s): Talhah Yunus, Talha Anjum
Music Director(s): Jokhay
Genre(s): Hip Hop
Music Label: © Young Stunners
Starring: Syeda Mayra Jaffri, Naveed Majid, Ayesha Naveed

अफ़साने अब लिखता नहीं हूँ
मैं दुनिया को दीखता नहीं हूँ
मत पूछो मैं कितना सही हूँ
क्यूँ एक जगह टिकता नहीं हूँ

बसर करते हैं तेरे दिल में
असर है तो शिक्वा करे क्यूँ
ज़िकर होता है हर मेहफ़िल में
वो चाहते पर दीखता नहीं हूँ

अफ़साने अब लिखता नहीं हूँ
मैं दुनिया को दीखता नहीं हूँ
मत पूछो मैं कितना सही हूँ
क्यूँ एक जगह टिकता नहीं हूँ

बसर करते हैं तेरे दिल में
असर है तो शिक्वा करे क्यूँ
ज़िकर होता है हर मेहफ़िल में
वो चाहते पर दीखता नहीं हूँ


इफ आई वेर यू एंड यू वेर मी
आई वुड फॉरगिव यू
जैसे तू हो एक सुरंग में
उसके एन्ड में तुझको रोशनी दिखी
दैट्स हाउ आई सी यू
खुद को मेरी नज़र से देख
इफ आई वेर यू एंड यू वेर मी
में ऐसा टूट-ता के टूट’ते हैं तारे क्या
वोह आज भी है मुन्तज़िर
मुख़्तसीर एक मुलाक़ात का फिर कभी मिल पाएं ना

दिल डूबे और मंज़िल लगे दूर बोहत
उरूज से जवाल देखें हैं नूर बोहत
ना तेरे हाथ में ज़िंदगी और ना ही मौत
मेरे हाथ में है कलम कल्ला और शौक

हर खौफ से आज़ाद करदो मेरी ज़ात को
किस्मतो से पाक करदो मेरे हाथ को
जिस हिसाब से रखा है दिल पे बोझ मेरे
जैसे कर्मा पीछे पड़ा है हाथ धो

गाने गये बोहत दिल दुखाये बोहत
ना तुम्हें आये शरम ना हमें आये मौत
मैं सेने हूँ इस मिनट नेक्स्ट मिनट आई’म साइको
इंडस्ट्री करे फॉलो ब्रांड्स गो वेर आई गो

ये मेरा फ्लेक्स नै हैं लाइफ हैं
सेंड माय चेक मुझे बात चीत नै चाहिए
आई गोट बिल्स मर्द के अलग होते कायदे
अगर कमाते नै मर्द हो तुम काय के
फ्यूचर दीखता नै है फ्यूचर इस व्हॉट आई से
वो साथ खाएं केहना पड़ता नै वो भाई थे
आई डू और डाई फॉर थे गैंग
बिना लिखत पढ़त के किये हुए हैं ये मुहायदे
साल गिरा तब भी खड़ा था में माइक पे
गवाह यार रवादार मेरे साथ
रहे सदा आबाद ये आवाज़
आई रैप फॉर अ पर्पस ये करियर एक कॉज

यू एक्सपेक्ट मी टू बी परफेक्ट
एंड आई’म जस्ट फुल ऑफ़ फ्लॉस
कैसे लिखता हु ये वर्सेज क्या करता हूँ मेहसूस
में बिना ताज का बादशाह गोट नथिंग टू लूज़
आई’म क्रॉसिंग लाइन्स जस्ट टू कैंसल आउट ध बूज़

अब ना दिल से निकले आरज़ू
जब से दिल से निकली आज तू
दिल था मेरा गोशला ए सकून एक
क्यूँ बना गयी है इसे बाजार तू

अफ़साने अब लिखता नहीं हूँ
मैं दुनिया को दीखता नहीं हूँ
मत पूछो मैं कितना सही हूँ
क्यूँ एक जगह टिकता नहीं हूँ

बसर करते हैं तेरे दिल में
असर है तो शिक्वा करे क्यूँ
ज़िकर होता है हर मेहफ़िल में
वो चाहते पर दीखता नहीं हूँ

अफ़साने अब लिखता नहीं हूँ
मैं दुनिया को दीखता नहीं हूँ
मत पूछो मैं कितना सही हूँ
क्यूँ एक जगह टिकता नहीं हूँ

बसर करते हैं तेरे दिल में
असर है तो शिक्वा करे क्यूँ
ज़िकर होता है हर मेहफ़िल में
वो चाहते पर दीखता नहीं हूँ

दिल में सवाल बड़े बिछे हुए जाल बड़े
मेरी मिसाल चलें चाहते सारे चाल चलें
थप्पड़ ये गाल पे इंडस्ट्री पूरी पाल ते रे
लाया किताब जो तुम खोल के सिर्फ छापते रे

तलवे मेरे चाट ते रहे पैसा नै वो दाद दे रे
देखे नै हालात मेरे यारों ने जो ख्वाब देखे
पूरे करू आज अब इस हाथ में वोह आग बेटे
पैसे में वो बात नै जो इज़्ज़त मेरी आज बेटे

ये इम्तिहान कैसा सूरज नै पर चाँद देखा
लिखारी जान लेवा उर्दू रैप को सांस देता
किस्से लड़ूँ जंग सब वाकिफ हैं ये मैदान मेरा
रैप मेरी जान मैं कराची के लिये जान दे रहा

ये लड़के लिखते मुझे दीखते अपने बारस भाई
डरता नै गिर ने से बस दुनिया से नाराज़ भाई
आईने को तोड़ दे यूँ जोड़ते अलफ़ाज़ भाई
लफ्ज़ कैसे तोलते जब भारी ये आवाज़ भाई
दिल मेरा साफ़ मैं इंडस्ट्री का वो राज़ भाई
डरते मुझसे आज भी शाहीन आता बाज़ नै
भाई फुल पचास तोला जाने खोला हाथ नहीं
कागज़ को मैं आग दूँ पिछवाड़े इनके राख़ भाई

सर अपना नोच रहे हम सोते वे भी सोच रहे
ख्वाबों में भी अपनों के ख़ुशी के आंसू पोछ रहे
आई ऐन’ट अ रोल मॉडल आज भी ऑन द रोड वे
अंडरग्राउंड को लाया मेनस्ट्रीम वाले शोज में

डील होती क्लोज उठते साथ मुझे होश नै
इंडस्ट्री मेरे लूँ पे पर नै वो मेरी दोस्त नै
रोज़ी रोटी लिखी ऊपर वाले ने अफ़सोस नै
डर ते नै हम मौत से मुसाफिर मरते रोज़ भाई

आई आस्क गॉड वाइ यू मेड फियर
सब रोना चाहते बट वी हैट टीयर्स
आई’म नेवर सोबर बट स्टे क्लियर
समझ से बार मैं जैसे शेक्सपियर

अरसे से खायी नै रोटी माँ के हाथ की
तारों को मैं नाम दूँ तू देख मेरी सादगी
दुश्मन को भी काम दूँ कैसे होगी बराबरी
लोग मेरी मेहनत का फल खाना चाहते आज भी

ये बातें नहीं कागज़ी मैं खुद को देता दाद भाई
सच से दुनिया भागती और मैं सिर्फ सच के साथ भाई
हाईएस्ट इन द रूम मुझ तक पोहंचेंगे क्या ख़ाक भाई
हर गाने की मैं धुन सिर्फ बीटों से करता बात ऐ

अफ़साने अब लिखता नहीं हूँ
मैं दुनिया को दीखता नहीं हूँ
मत पूछो मैं कितना सही हूँ
क्यूँ एक जगह टिकता नहीं हूँ

बसर करते हैं तेरे दिल में
असर है तो शिक्वा करे क्यूँ
ज़िकर होता है हर मेहफ़िल में
वो चाहते पर दीखता नहीं हूँ

अफ़साने अब लिखता नहीं हूँ
मैं दुनिया को दीखता नहीं हूँ
मत पूछो मैं कितना सही हूँ
क्यूँ एक जगह टिकता नहीं हूँ

बसर करते हैं तेरे दिल में
असर है तो शिक्वा करे क्यूँ
ज़िकर होता है हर मेहफ़िल में
वो चाहते पर दीखता नहीं हूँ.

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