मर्द मराठा Mard Maratha Lyrics

मर्द मराठा Mard Maratha Lyrics Lyrics

“Mard Maratha” Song Details:

Movie: Panipat
Singer(s): Swapnil Bandodkar, Ajay Gogavale, Atul Gogavale, Kunal Ganjawala, Padmanabh Gaikwad, Sudesh Bhonsle
Lyricist(s): Javed Akhtar
Composer(s): Ajay Gogavale, Atul Gogavale
Music Director(s): Ajay Gogavale, Atul Gogavale
Genre(s): Motivational, Religious
Director(s): Ashutosh Gowariker
Music Label: © Zee Music Company
Starring: Arjun Kapoor, Sanjay Dutt, Kriti Sanon
Release on: 6th December, 2019

हे बोले धरती जयकारा
गगन है सारा गूंजा रे
जग में लहराया न्यारा
ध्वज है हमारा ऊंचा रे

हम वो योद्धा वो निडर
हम जो भी दिशा में जाएं
सारे पथ चरण छुएं और
पर्वत शीश नवाये
रास्ते से हट जाएं
नदियां होके हवाएं

लिरिक्सबोगी.कॉम

हम हैं जियाले जीतने को हम
रन मैं उतरते हैं
हम सूरज हैं अंत हमी
रातों का करते हैं
युग युग की जंजीरों को हमने ही
काट रे
बोल उठा ये जग सारा
जय मर्द मराठा रे

जो रक्त है तन में बहता
वो हमसे है ये कहता
सम्मान के बदले जान भी दें
तो नही है घाटा रे

युग युग की जंजीरों को हमने ही काटा रे
बोल उठा ये जग सारा जय मर्द मराठा रे
युग युग की जंजीरों को हमने ही काटा रे
बोल उठा ये जग सारा जय मर्द मराठा रे

वीरता हमने बोई और ये फल पाया
दूर तक अब है फैली अपनी ही छाया

हो.. जीवन जो रणभूमि रे करता है तांडव
आज उसी ने है विजय का नगाड़ा बजाया
अपनी है जो गाथा अब है समय सुनाता
सब को है ये बताता कैसे सुख हमने बाटा रे

युग युग की जंजीरों को हमने ही काटा रे
बोल उठा ये जग सारा जय मर्द मराठा रे
युग युग की जंजीरों को हमने ही काटा रे
बोल उठा ये जग सारा जय मर्द मराठा रे

हम्म..

सच के सिपाही अलबेले राही
क्या जानते हो तुम
जब तुम नही थे हम कब यहीं थे
हम भी थे जैसे घूम
तुम ध्यान में थे तुम प्राण में थे
जैसे जन्म जन्म
जब तीर तुमपे बरसे तो
जैसे घायल हुए थे हम

हो.. देखो तो मुझसे कह के
मैं जान दे दूं तुम पे
क्या तुम नहीं ये जानते
दुविधा के आगे जब नारी जागे
हिम्मत से काम ले
चूड़ी उतार कंगन उतार तलवार थाम ले

मैंने ली आज शपथ है
वीरों का पथ है मेरा रे
लक्ष्य अपना जो बना लूँ
वहीं पे डालूं डेरा रे

हम वो योद्धा वो निडर
हम जो भी दिशा में जाएं
सारे पथ चरण छुएं और
पर्वत शीश नवाये
रास्ते से हट जाएं
नदियां होके हवाएं

हम हैं जियाले जीतने को हम
रन मैं उतरते हैं
हम सूरज हैं अंत हमी
रातों का करते हैं
युग युग की जंजीरों को हमने ही
हिन्दीट्रैक्स
काट रे
बोल उठा ये जग सारा
जय मर्द मराठा रे

जो रक्त है तन में बहता
वो हमसे है ये कहता
सम्मान के बदले जान भी दें
तो नही है घाटा रे

युग युग की जंजीरों को हमने ही काटा रे
बोल उठा ये जग सारा जय मर्द मराठा रे
युग युग की जंजीरों को हमने ही काटा रे
बोल उठा ये जग सारा जय मर्द मराठा रे.

Facebook
X
LinkedIn
WhatsApp
Pinterest
Reddit
Telegram
Email
Threads
VK
Scroll to Top