“Usne Kahaa Tu Kaun Hai” Song Details:
| Movie: | Roti Kapada Aur Makaan |
| Singer(s): | Jani Babu, Lata Mangeshkar, Mukesh Chand Mathur (Mukesh), Narendra Chanchal |
| Lyricist(s): | Verma Malik |
| Composer(s): | Laxmikant Shantaram Kudalkar (Laxmikant Pyarelal), Pyarelal Ramprasad Sharma (Laxmikant Pyarelal) |
| Music Director(s): | Laxmikant Shantaram Kudalkar (Laxmikant Pyarelal), Pyarelal Ramprasad Sharma (Laxmikant Pyarelal) |
| Genre(s): | Philosophical |
| Director(s): | Manoj Kumar |
| Music Label: | © Saregama |
| Starring: | Manoj Kumar, Shashi Kapoor, Zeenat Aman, Moushumi Chatterjee, Aruna Irani, Amitabh Bachchan |
| Release on: | 18th October, 1974 |
उसने कहा तू कौन है
उसने कहा तू कौन है
उसने कहा तकता है क्या
उसने कहा चाहता है क्या
मैंने कहा समझा नहीं
एक हमें आँख की लड़ाई मार गई
दूसरी तोह यार की जुदाई मार गयी
तीसरी हमेशा की तन्हाई मार गयी
चौथी यह खुदा की खुदाई मार गयी
बाकी कुछ बचा तोह महनगाई मार गयी
महनगाई मार गयी
बाकी कुछ बचा तोह महनगाई मार गयी
महनगाई मार गयी
एक हमें आँख की लड़ाई मार गई
दूसरी तोह यार की जुदाई मार गयी
तीसरी हमेशा की तन्हाई मार गयी
चौथी यह खुदा की खुदाई मार गयी
बाकी कुछ बचा तोह महनगाई मार गयी
महनगाई मार गयी
बाकी कुछ बचा तोह महनगाई मार गयी
महनगाई मार गयी
तबियत ठीक थी
तबियत ठीक थी
तबियत ठीक थी हा हा
तबियत ठीक थी और
दिल भी
हा हा दिल भी
अजी दिल भी बेकरार ना था
तबियत ठीक थी और दिल भी बेकरार ना था
यह तब की बात है हा हा बात है
यह तब की बात है हा हा
तबियत ठीक थी और दिल भी बेकरार ना था
यह तब की बात है हा हा
जब किसी से प्यार ना था
जब से प्रीत सपनो में समाई मार गयी
मनन के मीठे दर्द की गहराई मार गई
नैनों से नैनों की सगाई मार गयी
सोच सोच में जो सोच आयी मार गयी
बाकी कुछ बचा तोह महनगाई मार गयी
महनगाई मार गयी
बाकी कुछ बचा तोह महनगाई मार गयी
महनगाई मार गयी
हूँ हूँ
कैसे वक्त में
हाय हाय कैसे वक्त में
कैसे वक्त में
हाय कैसे वक्त में
अ के दिल को दिल की लगी बीमारी
कैसे वक्त में
कैसे वक्त में
ओ के दिल को दिल की लगी बीमारी
महनगाई की दौर में हो गयी मँहगी यार की यारी
दिल की लगी दिल को जब लगाई मार गयी
दिल ने की जो प्यार तोह दुहायी मार गयी
दिल की बात दुनिया को बतायी मार गयी
अरेदिल की बात दिल में जो छुपायी मार गयी
बाकी कुछ बचा तोह महनगाई मार गयी
महनगाई मार गयी
अरे बाकी कुछ बचा तोह महनगाई मार गयी
महनगाई मार गयी
होऊ होऊ…
पहले मुटठी विच पैसे लेकर
पहले मुट्ठी में पैसे लेकर थैला भर शक्कर लेते थे
अब्ब थैले में पैसे जाते हैं मुट्ठी में शक्कर आती है
हाय महनगाई महनगाई
दुहाई है दुहाई दुहाई है दुहाई
तो कहा से आयी
शक्कर में यह आटे की मिलायी मर गयी
पाउडर वाले दुद्ध दी मलाई मर गयी
राशन वाली लाइन डी लंबाई मर गयी
जनता जो चीखी चिल्लाई मर गयी
बाकी कुछ बचा तोह महनगाई मार गयी
महनगाई मार गयी
अरे बाकी कुछ बचा तोह महनगाई मार गयी
महनगाई मार गयी
गरीब को तोह बच्चों की पढ़ाई मार गयी
बेटी की शादी और सगाई मार गयी
किसी को तोह रोटी की कमाई मार गयी
कपडे की किसी को सिलाई मार गयी
किसी को मकान की बनवाई मार गयी
जीवन दे बस तिन्न नीसाण रोटी कपड़ा और मकान
ढूंढ ढूंढ के हर इंसान
ढूंढ ढूंढ के हर इंसान
खो बैठा है अपनी जान
जो सच सच बोलै तोह सच्चाई मार गई
सच्चाई मार गई
सच्चाई मार गई
बाकी कुछ बचा तोह महनगाई मार गयी
महनगाई मार गयी
अरे बाकी कुछ बचा तोह महनगाई मार गयी
महनगाई मार गयी.


