“Main Jab Bhi Akeli Hoti Hoon” Song Details:
| Movie: | Dharmputra |
| Singer(s): | Asha Bhosle |
| Lyricist(s): | Sahir Ludhianvi |
| Composer(s): | Datta Naik |
| Music Director(s): | Datta Naik |
| Genre(s): | Love |
| Director(s): | Yash Chopra |
| Music Label: | © Moserbaer Music |
| Starring: | Mala Sinha, Shashi Kapoor, Rehman |
| Release on: | 27th December, 1961 |
मैं जब भी अकेली होती हूँ
तुम चुपके से आ जाते हो
और झाँक के मेरी आँखों में
बीते दिन याद दिलाते हो
बीते दिन याद दिलाते हो
मस्ताना हवा के झोंको से
हर बार वो परदे का हिलना
परदे को पकड़ने की धुन में
दो अजनबी हाथों का मिलना
आँखों में धुंआ सा छा जाना
आँखों में धुंआ सा छा जाना
साँसों में सितारे से खिलना
बीते दिन याद दिलाते हो
बीते दिन याद दिलाते हो
मुड़ मुड़ के तुम्हारा रास्ते में
तकना वो मुझे जाते जाते
और मेरा ठिठक कर रुक जाना
चिलमन के करीब आते आते
नज़रों का तरस कर रह जाना
एक और झलक पाते पाते
बीते दिन याद दिलाते हो
बीते दिन याद दिलाते हो
बालों को सुखाने की खातिर
कोठे पे मेरा वो आ जाना
और तुमको मुक़ाबिल पाते है
कुछ शरमाना कुछ बलखना
हम सायों के डर से कतराना
हम सायों के डर से कतराना
घर वालों के डर से गभराना
बीते दिन याद दिलाते हो
बीते दिन याद दिलाते हो
बरसात के भीगे मौसम में
बरसात के भीगे मौसम में
सर्दी की ठिठरती रातों में
पहरों वो यूं ही बैठे रहना
हाथों को पकड़कर हाथों में
और लम्बी लम्बी घड़ियों का
और लम्बी लम्बी घड़ियों का
कट जाना बातों बातों में
बीते दिन याद दिलाते हो
बीते दिन याद दिलाते हो
रो रो के तुम्हें ख़त लिखती हूँ
रो रो के तुम्हें ख़त लिखती हूँ
और खुद पढ़कर रो लेती हूँ
हालात के तपते तूफ़ान में
जज़्बात की कश्ती खेती हूँ
कैसे हो कहाँ हो कुछ तो कहो
कैसे हो कहाँ हो कुछ तो कहो
मैं तुम को सदायें देती हूँ
मैं जब भी अकेली होती हूँ
मैं जब भी अकेली होती हूँ
तुम चुपके से आ जाते हो
और झाँक के मेरी आँखों में
बीते दिन याद दिलाते हो
बीते दिन याद दिलाते हो.


