“Main Idhar Jaau Ya Udhar Jaau” Song Details:
| Movie: | Palki |
| Singer(s): | Asha Bhosle, Aziz Nazan, Mohammed Rafi, Manna Dey |
| Lyricist(s): | Shakeel Badayuni |
| Composer(s): | Naushad Ali |
| Music Director(s): | Naushad Ali |
| Genre(s): | Qawwali |
| Director(s): | Mahesh Kaul, S.U. Sunny |
| Music Label: | © Saregama |
| Starring: | Rajendra Kumar, Waheeda Rehman, Rehman |
| Release on: | 1st January, 1967 |
भरी महफ़िल में छेड़ा है किसीने दिल के तारो को
मुबारक हो यह जश्ने बेक़रारी बेक़रारो को
हा हजारो शम्मे जलकर दिल को कर देती है दीवाना
है और उनके बीच में घिर कर यही कहता है परवाना
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
बड़ी मुश्किल में हूँ अब्ब किधर जाऊ
बड़ी मुश्किल में हूँ अब्ब किधर जाऊ
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
आज आँखों में उतर आया है
कोई तस्बीर इ मुहब्बत बनकर
आज आँखों में उतर आया है
कोई तस्बीर इ मुहब्बत बनकर
आज चिलमन से नजर आया है
एक अफसाना हकीकत बनकर
आज चिलमन से नजर आया है
एक अफसाना हकीकत बनकर
जिंदगी मिल गयी मुझको लेकिन
आज भी उससे बड़ी दूरी है
हो आज भी उससे बड़ी दूरी है
जोश कहता है पकड़ ले दामन
होश कहता है की मज़बूरी है
होश कहता है की मज़बूरी है
आ आ आ आ उधऱ है सब्र् की मंजिल
इधर बेताब यह दिल है
जूनून इ शौक में यह फैसला करना भी मुश्किल है
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
खनक बनकर ही क्यों न बिखर जाऊ
खनक बनकर ही क्यों न बिखर जाऊ
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
जबसे मंजिल की निशाँ पायी है
कारवां दिल का लुट जाता है
जबसे मंजिल की निशाँ पायी है
कारवां दिल का लुट जाता है
जिंदगी मुझको सहारा दे दे
दामन ए सब्र् छूट जाता है
जिंदगी मुझको सहारा दे दे
दामन ए सब्र् छूट जाता है
इक तरफ़ खाब ए ईमान है मेरा
इक तरफ़ दिल का सनम खाना है
इक तरफ दिल का सनम खाना है
किसको छोड़ूँ किसे आबाद करू
दिल इसी सोच में दीवाना है
दिल इसी सोच में दीवाना है
आ आ आ उधर शम्मे वफ़ा
मेरी इधर शम्मे हया मेरी
लगी दिल की जरा तू ही बता
मरजी है क्या तेरी
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
कही घुट घुट के यु ही न मर्र जाऊ
कही घुट घुट के यु ही न मर्र जाऊ
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
मैं इधर जाऊं जाऊं या उधर जाऊं जाऊं
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
काश इन् उलझनों से गुजर जाओ
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं
मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं.


