अपने अंदर जरा झांख Apne Andar Zara Jhaak Lyrics

अपने अंदर जरा झांख Apne Andar Zara Jhaak Lyrics Lyrics

“Apne Andar Zara Jhaak” Song Details:

Movie: Naya Raasta
Singer(s): Mohammed Rafi
Lyricist(s): Sahir Ludhianvi
Composer(s): Datta Naik
Music Director(s): Datta Naik
Genre(s): Philosophical
Director(s): Khalid Akhtar
Music Label: © Saregama
Starring: Jeetendra, Asha Parekh, Farida Jalal
Release on: 1st June, 1970

अपने अंदर जरा झांख मेरे वतन
अपने अंदर जरा झांख मेरे वतन
अपने ऐबों को मत ढाँक मेरे वतन
अपने ऐबों को मत ढाँक मेरे वतन

लिरिक्सबोगी.कॉम

तेरा इतिहास है खून में लिथड़ा हुआ
तो अभी तक है दुनिया में पिच्छड़ा हुआ
तूने अपनों को अपना ना माना कभी
तूने इनसा को इंसा ना जाना कभी
तेरे धर्मो ने जातो की तकसीम की
तेरी रश्मों ने नफरत की तालिम दी
वहशतों का चलन तुझमे जारी रहा
पट लोको का जुनू तुझपे तरी रहा

रंग और नसल के डायरों से निकल
गिर चुका है बहूत देर अब तो संभल
तू दरवार है या आरिया नसल है
जो है अब इसी खत की फसल है
तेरे दिल से जो ना नफरत मीट पाएगी
तेरे घर में गुलामी पलट आएगी
तेरे बरबादियों का तुझे वास्ता
ढूंढ अपने लिए अब नया रास्ता
अपने अंदर ज़रा झाँख मेरे वतन
अपने ऐबों को मत ढँक मेरे वतन.

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