“Andheri Raaton Mein” Song Details:
| Movie: | Shahenshah |
| Singer(s): | Kishore Kumar |
| Lyricist(s): | Anand Bakshi |
| Composer(s): | Amar Biswas, Utpal Biswas |
| Music Director(s): | Amar Biswas, Utpal Biswas |
| Genre(s): | Rock |
| Director(s): | Tinnu Anand |
| Music Label: | © Venus |
| Starring: | Amitabh Bachchan, Meenakshi Seshadri, Amrish Puri |
| Release on: | 12th February, 1988 |
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
हर ज़ुल्म मिटाने को
एक मसीहा निकलता हैं
जिसे लोग शहनशाह कहते हैं
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
हर ज़ुल्म मिटाने को
एक मसीहा निकलता हैं
जिसे लोग शहनशाह कहते हैं
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
जैसे निकलता हैं तीर कमान से
जैसे निकलता हैं तीर कमान से
देखो ये चला
वो निकला वो शान से
उसके ही किस्से सबकी जुबां पे
वो बात है उसकी बातों में
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
हर ज़ुल्म मिटाने को
एक मसीहा निकलता हैं
जिसे लोग शहनशाह कहते हैं
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
ऐसे बहादुर देखे हैं थोड़े
ऐसे बहादुर देखे हैं थोड़े
ज़ुल्म-ओ-सितम की ज़ंजीर तोड़े
पीछे पड़े तो पीछा न छोड़े
बड़ा है ज़ोर उसके हाथों में
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
हर ज़ुल्म मिटाने को
एक मसीहा निकलता हैं
जिसे लोग शहनशाह कहते हैं
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
शहर की गलियों में
वो फिरता हैं
शहर की गलियों में
वो फिरता हैं
दोस्तों से दोस्त बनकर मिलता हैं
दुश्मनों के सर पर ऐसे गिरता हैं
जैसे बिजली गिरे बरसातों में
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
हर ज़ुल्म मिटाने को
एक मसीहा निकलता हैं
जिसे लोग शहनशाह कहते हैं
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर
अँधेरी रातों में
सुनसान राहों पर.


