“Ankh Dil Ki Zuban Hoti Hai” Song Details:
| Movie: | Aadat Se Majboor |
| Singer(s): | Mahendra Kapoor, Shabbir Kumar, Usha Mangeshkar |
| Lyricist(s): | Indeevar |
| Composer(s): | Usha Khanna |
| Music Director(s): | Usha Khanna |
| Genre(s): | Philosophical |
| Director(s): | Ambrish Sangal |
| Music Label: | © Saregama |
| Starring: | Mithun Chakraborty, Rameshwari, Neena Gupta, Mohan Gokhale |
| Release on: | 2nd July, 1982 |
आँख दिल की जुबां होती है
झूठ सच का बयान होती है
भगवन है आँखे
सैतान है आँखे
कमजोर है आँखे
बलवान है आँखे
ये झूठ नहीं कहती
परदे में नहीं रहती
ये झूठ नहीं कहती
परदे में नहीं रहती
हर दौर में इंसान
इंसान की पहचान है आँखे
हर दौर में इंसान
इंसान की पहचान है आँखे
भगवन है आँखे
सैतान है आँखे
कमजोर है आँखे
बलवान है आँखे
ये झूठ नहीं कहती
परदे में नहीं रहती
ये झूठ नहीं कहती
परदे में नहीं रहती
हर दौर में इंसान
इंसान की पहचान है आँखे
हर दौर में इंसान
इंसान की पहचान है आँखे
भगवन है आँखे
सैतान है आँखे
कमजोर है आँखे
बलवान है आँखे
सच्चाई ज़माने में
छुपी है न छुपेगी
जब पर्दा उठेगा तो
हर एक बात खुलेगी
सच्चाई ज़माने में
छुपी है न छुपेगी
जब पर्दा उठेगा तो
हर एक बात खुलेगी
मिटटी का घड़ा ले के
जो पानी में चलेगा
लिखा है कित्ताबो में
वो बेमौत मरेंगे
चहेरा तो है इंसान का
हैवान है आँखे
चेहरा तो है इंसान का
हैवान है आँखे
भगवन है आँखे
सैतान है आँखे
कमजोर है आँखे
बलवान है आँखे
जिस्मो के खरीदार
ये इज़त के लुटेरे
चोरों की तरह
ये रोज़ बदलते है चेहरे
जिस्मो के खरीदार
ये इज़त के लुटेरे
चोरों की तरह
ये रोज़ बदलते है चेहरे
दौलत के पुजारी है ये
संसार है इनका ोरो
को मिटा देना ही व्योपार है इनका
मेला गरीबी का है
धनवान है आँखे
मेला गरीबी का है
धनवान है आँखे
भगवन है आँखे
सैतान है आँखे
कमजोर है आँखे
बलवान है आँखे
जंगल के दरिंदे है ये
खूंखार है यारो
मेरे ही नहीं ये सब के
गुनेगार है यारो
जंगल के दरिंदे है ये
खूंखार है यारो
मेरे ही नहीं ये सब के
गुनेगार है यारो
मुज्लिम है ये हर जुलम के
तुम इनको सजा दो
ये तुम को मित्ता ते रहे
तुम इनको मिटा दो
इनकी ही िन्नयत से
तो बेजान है आँखे
इनकी ही िन्नयत से
तो बेजान है आँखे
भगवन है आँखे
सैतान है आँखे
कमजोर है आँखे
बलवान है आँखे
ये झूठ नहीं कहती
परदे में नहीं रहती
ये झूठ नहीं कहती
परदे में नहीं रहती
हर दौर में इंसान
इंसान की पहचान है आँखे
हर दौर में इंसान
इंसान की पहचान है आँखे
भगवन है आँखे
सैतान है आँखे
कमजोर है आँखे
बलवान है आँखे
ये झूठ नहीं कहती
परदे में नहीं रहती
ये झूठ नहीं कहती
परदे में नहीं रहती
हर दौर में इंसान
इंसान की पहचान है आँखे
हर दौर में इंसान
इंसान की पहचान है आँखे
सैतान है आँखे
हैवान है आँखे
सैतान है आँखे
हैवान है आँखे.


