आज मंगलवार है Aaj Mangalwar Hai Lyrics

आज मंगलवार है Aaj Mangalwar Hai Lyrics Lyrics

“Aaj Mangalwar Hai” Song Details:

Label: Supertone Digital
Singer(s): Shiv Nigam
Lyricist(s): Traditional
Music Director(s): Lovely Sharma
Genre(s): Hanuman Bhajan
Music Label: © Supertone Digital

आज मंगलवार है महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

आज मंगलवार है महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है

चैत्र सुदी मंगल पूनम का जनम वीर ने पाया है
जनम वीर ने पाया है
चैत्र सुदी मंगल पूनम का जनम वीर ने पाया है
जनम वीर ने पाया है
लाल लंगोटा गदा हाथ में सिर पर मुकुट सजाया है
सिर पर मुकुट सजाया है
शंकर का अवतार है महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

आज मंगलवार है महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है


ब्रह्मा जी के ब्रह्म ज्ञान का बल भी तुमने पाया है
बल भी तुमने पाया है
ब्रह्मा जी के ब्रह्म ज्ञान का बल भी तुमने पाया है
बल भी तुमने पाया है
राम काज शिव शंकर ने वानर का रूप धारिया है
वानर का रूप धारिया है
लीला अपरमपार पार है, महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

आज मंगलवार है महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है

बाला पन में महावीर ने हरदम ध्यान लगाया है
हरदम ध्यान लगाया है
बाला पन में महावीर ने हरदम ध्यान लगाया है
हरदम ध्यान लगाया है
श्रम दिया ऋषिओं ने तुमको ब्रह्म ध्यान लगाया है
ब्रह्म ध्यान लगाया है
राम नाम आधार है, महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

आज मंगलवार है महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है

राम जनम हुआ अयोध्या में कैसा नाच नचाया है
कैसा नाच नचाया है
राम जनम हुआ अयोध्या में कैसा नाच नचाया है
कैसा नाच नचाया है
कहा राम ने लक्ष्मण से यह वानर मन को भाया है
वानर मन को भाया है
राम चरण से प्यार है, महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

आज मंगलवार है महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है

पंचवटी से माता को जब रावण लेकर आया है
रावण लेकर आया है
पंचवटी से माता को जब रावण लेकर आया है
रावण लेकर आया है
लंका में जाकर तुमने माता का पता लगाया है
माता का पता लगाया है
आक्छाय को मार है, महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

आज मंगलवार है महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है

मेघनाथ ने ब्रह्मपाश में तुमको आन फसाया है
तुमको आन फसाया है
मेघनाथ ने ब्रह्मपाश में तुमको आन फसाया है
तुमको आन फसाया है
ब्रह्मपाश में फस कर के ब्रह्मा का मान बढ़ाया है
ब्रह्मा का मान बढ़ाया है
बजरंगी वाकी मार है, महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

आज मंगलवार है महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है

लंका जलायी आपने जब रावण भी घबराया है
रावण भी घबराया है
लंका जलायी आपने जब रावण भी घबराया है
रावण भी घबराया है
श्री राम लखन को आन कर माँ का संदेश सुनाया है
माँ का संदेश सुनाया है
सीता शोक अपार है, महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है

आज मंगलवार है महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है.

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