कब से कब तक Kab Se Kab Tak Lyrics

कब से कब तक Kab Se Kab Tak Lyrics Lyrics

“Kab Se Kab Tak” Song Details:

Movie: Gully Boy
Singer(s): Ranveer Singh, Vibha Saraf
Lyricist(s): Kaam Bhaari, Ankur Tewari
Composer(s): Ankur Tewari, Karsh Kale
Music Director(s): Ankur Tewari, Karsh Kale
Genre(s): Love
Director(s): Zoya Akhtar
Music Label: © Zee Music Company
Starring: Ranveer Singh, Alia Bhatt, Vijay Varma
Release on: 14th February, 2019

लिरिक्सबोगी.कॉम

कोई तो हो जो हमको हमसे मिला दे
कोई दिखा दे वो रास्ता
कोई तो हो जो हमको ये बता दे
खुद से होते हैं खुद कैसे जुदा

मैंने सबसे पूछ के
ये कब से कब तक हमसे रगबत
मैंने सबसे पूछ के
ये कब से कब तक हमसे रगबत
मैंने सबसे पूछ के
ये कब से कब तक हमसे रगबत
अब कब से कब तक
अब कब से कब तक हमसे रगबत
मैं सोचूं हर घड़ी
ये सर चढ़ी तलब है या
या इनकी बाद बड़ी पे दिल मेरा धड़क गया
ये बेसबर हैं आज केहना चाहें तुझको कुछ
तू मुझसे खुश तो बाँट ले ना मेरा

हमको हमसे मिला दे
हमको हमसे मिला दे

है दोस्ती जो तुमसे करलि कब से हमने जबसे
ये रौशनी है तब से टूटे तारे रूठे रब से
क्या जादूगरी करी ये तूने है छोरी रे
चोरी किया दिल चोरी चोरी चोरी रे
क्या सपने हमने भी सज़ा रखे हैं ख़ूबसूरत
आशिकी है हद से ज्यादा इश्क में हूँ तेरे मूरत
मिला दे हमको हमसे गम को ढंग से मेहसूस करूँ
तेरे संग मैं तेरे सपने अपने मेहफूज़ रखूं
मुझको चाहिए तेरा इश्क का नशा
और तुझको चाहिए मेरे दिल के टुकड़ों का मजा
देखो मुझको ना बता दे मुझको हाल ए दिल तुम्हारा भी
ठुकराओ ना यूं रिश्ते को तुम जानो दिल हमारा भी

मैंने सबसे पुछा के
ये कब से कब तक हमसे रगबत
मैंने सबसे पुछा के
ये कब से कब तक हमसे रगबत
मैंने सबसे पुछा के
ये कब से कब तक हमसे रगबत
अब कब से कब तक
आ कब से कब तक हमसे रगबत


ज़िन्दगी ज़हेर का प्याला पी लिया पिया के नाम
जी गए तो दुनिया हारे गिर गए गिरा के जाम
मुश्किलों से मुश्किलों की मुश्किलें संभाली है
मुश्किलों की कजरी गाके कश्तियाँ संवारी हैं
हमने भी वफ़ा की हमने हमने भी दगा की है
हमने ही जुदाई जीती हमने ही सदा की है
हमने तुझको पाके खोया
हमने तुझको खोके पाया
हमने तेरे वास्ते ये लिख दी है कवाली के
नजरों के ये काले घेरे इनमें ही समा लो ना
अपने मैं बना लूं इनको
दे दो मुझको तालों ना
मैं छोड़ जाता दुनिया लापता सा हो जो जाता
तो क्या तू खोजता मैं सपने ओढ़ सो जो जाता
मैं रोक पाता खुदकों इस जमेले से तो
केहता ना यूं तुझको के तू मुझको अब अकेले छोड़
मैंने सबसे पुछा के
ये कब से कब तक हमसे रगबत
मैंने सबसे पुछा के
ये कब से कब तक हमसे रगबत
मैंने सबसे पुछा के
ये कब से कब तक हमसे रगबत
अब कब से कब तक
अब कब से कब तक हमसे रगबत
हम्म…

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