कभी खामोश रहते हैं Kabhi Khamosh Rehte Hain Lyrics

कभी खामोश रहते हैं Kabhi Khamosh Rehte Hain Lyrics Lyrics

“Kabhi Khamosh Rehte Hain” Song Details:

Movie: Azaad
Singer(s): Lata Mangeshkar
Lyricist(s): Rajendra Krishan
Composer(s): Ramchandra Narhar Chitalkar (C. Ramchandra)
Music Director(s): Ramchandra Narhar Chitalkar (C. Ramchandra)
Genre(s): Sad
Director(s): S. M. Sriramulu Naidu
Music Label: © Saregama
Starring: Dilip Kumar, Meena Kumari, Pran
Release on: 1st January, 1955

कभी खामोश रहते हैं
कभी हम आह भरते हैं
किसी के वास्ते क्या क्या सितम
इस दिल पे करते हैं

जो वह नजरों में नजरें
दाल कर खुद हमसे यह पूछे
तोह दिल पे हाथ रख कर
हम भी कह दे क्या
तुम पे मरते हैं
वह वह वह सुबहान अल्लाह
पी के दरस को तरस रही अंखिया
पी के दरस को तरस रही अंखिया
तरस रही अंखिया बरस रही अंखिया
तरस रही अंखिया बरस रही अंखिया
पी के दरस को तरस रही अंखिया

लिरिक्सबोगी.कॉम

कोई कदमो में उनके
जा के रख आये मेरे दिल को
के उनके सामने खुलती
नहीं जालिम जबान मेरी
पी के दरस को तरस रही अंखिया
पी के दरस को तरस रही अंखिया
तरस रही अंखिया बरस रही अंखिया
तरस रही अंखिया बरस रही अंखिया
पी के दरस को तरस रही अंखिया

किसी का हो के भी उससे
जुड़ा रहना ही पड़ता है
मोहब्बत ने दिया जो ग़म वह
ग़म सहना ही पड़ता है
ा कहा तक दर्द-इ-दिल कोई
छुपाए अपने सीने में
तड़प उठता है जब यह दिल तोह
यह कहना ही पड़ता है क्या
पी के दरस को तरस रही अंखिया
पी के दरस को तरस रही अंखिया
तरस रही अंखिया बरस रही अंखिया
तरस रही अंखिया बरस रही अंखिया
पी के दरस को तरस रही अंखिया.

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