“Kahin Door Jab Din Dhal Jaaye” Song Details:
| Movie: | Anand (1971) |
| Singer(s): | Mukesh Chand Mathur (Mukesh) |
| Lyricist(s): | Yogesh Gaud |
| Composer(s): | Salil Chowdhury |
| Music Director(s): | Salil Chowdhury |
| Genre(s): | Happy (Feel Good) |
| Director(s): | Hrishikesh Mukherjee |
| Music Label: | © Saregama |
| Starring: | Rajesh Khanna, Amitabh Bachchan |
| Release on: | 31st December, 1971 |
कहीं दूर जब दिन ढल जाए
साँझ की दुल्हन बदन चुराए
चुपके से आए
मेरे ख़यालों के आँगन में
कोई सपनों के दीप जलाए, दीप जलाए
कहीं दूर जब दिन ढल जाए
साँझ की दुल्हन बदन चुराए
चुपके से आए
कभी यूं ही जब हुई बोझल साँसे
भर आई बैठे बैठे जब यूंही आँखें
कभी मचल के प्यार से चल के
छूए कोई मुझे पर नज़र ना आए, नज़र ना आए
कहीं दूर जब दिन ढल जाए
सांझ की दुल्हन बदन चुराये चुप के से आए
कहीं तो ये, दिल कभी, मिल नहीं पाते
कहीं से निकल आए, जनमों के नाते
कहीं तो ये, दिल कभी, मिल नहीं पाते
कहीं से निकल आए, जनमों के नाते
घनी थी उलझन, बैरी अपना मन
अपना ही होके सहे दर्द पराये, दर्द पराये
कहीं दूर जब दिन ढल जाए
साँझ की दुल्हन बदन चुराए चुपके से आए
दिल जाने, मेरे सारे, भेद ये गहरे
खो गए कैसे मेरे, सपने सुनहरे
दिल जाने, मेरे सारे, भेद ये गहरे
खो गए कैसे मेरे, सपने सुनहरे
ये मेरे सपने, यही तो हैं अपने
मुझसे जुदा न होंगे इनके ये साये, इनके ये साये
कहीं दूर जब दिन ढल जाए
साँझ की दुल्हन बदन चुराए
चुपके से आए
मेरे ख़यालों के आँगन में
कोई सपनों के दीप जलाए, दीप जलाए
कहीं दूर जब दिन ढल जाए
साँझ की दुल्हन बदन चुराए
चुपके से आए.


