“Qanoon” Song Details:
| Label: | Saga Music |
| Singer(s): | Satinder Sartaaj |
| Lyricist(s): | Satinder Sartaaj |
| Composer(s): | Satinder Sartaaj |
| Music Director(s): | Beat Minister |
| Genre(s): | Philosophical |
| Music Label: | © Saga Music |
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से
अब तक मुद्दे बिगड़े ही है
आफत और बवालों से
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से
बहुत से ऐसे वाकयात जो
जो पेहली बार ही होते है
बहुत से ऐसे हादसात जो
जो पेहली बार ही होते हैं
बहुत से ऐसे वाकयात जो
जो पेहली बार ही होते है
बहुत से ऐसे हादसात जो
जो पेहली बार ही होते है
उनमें गलत सही अब कैसे
साबित करे हवालों से
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से
अब तक मुद्दे बिगड़े ही है
आफत और बवालों से
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से
खेल ज़िंदगी के ना
जीते गए कभी चालाकी से
ना ही ज्यादा कम दिलियों से
और ना ही बेबाकी से
खेल ज़िंदगी के ना
जीते गए कभी चालाकी से
ना ही ज्यादा कम दिलीयों से
और ना ही बेबाकी से
ये बाज़ी पेचीदा है
शायद सतरंज की चलो से
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से
अब तक मुद्दे बिगड़े ही है
आफत और बवालों से
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से
यूं तो चाहे खून रिसाले छापो
और मज्मून लिखो
हल्ला करके अखबारों से
चाहे फिर कानून लिखो
यूं तो चले खूब रिसाले छापो
और मज्मून लिखो
हल्ला करके अखबारों से
चाहे फिर कानून लिखो
हल तो आखिर निकलेगा
बुनयादी असल सवालों से
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से
अब तक मुद्दे बिगड़े ही है
आफत और बवालों से
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से
वैसे तो अगर सोचे तो
सब कागज़ के फरमान ही हैं
कुव्वत ही मेहदूद क्योंकि
मुंसिफ़ भी इंसान ही है
वैसे तो अगर सोचे तो
सब कागज़ के फरमान ही हैं
कुव्वत ही मेहदूद क्योंकि
मुंसिफ़ भी इंसान ही है
खून टपकता देखा है
इंसाफ के बुत्त की गालों से
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से
अब तक मुद्दे बिगड़े ही है
आफत और बवालों से
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से
पलक झपकते दुनिया बदले
ऐसा हुआ ना होगा भी
जिम्मेदार बराबर के है
सरदार भी और दरोगा भी
ज़रा ज़रा से फरक पड़ेंगे
इन्न सरताज ख़यालों से
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से
अब तक मुद्दे बिगड़े ही है
आफत और बवालों से
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से
मेरी एक गुजारिश है
कानून बनाने वालों से.


