कोई पत्थर से ना मारे Koi Pathar Se Na Maare Lyrics

कोई पत्थर से ना मारे Koi Pathar Se Na Maare Lyrics Lyrics

“Koi Pathar Se Na Maare” Song Details:

Movie: Laila Majnu (1979)
Singer(s): Lata Mangeshkar
Lyricist(s): Sahir Ludhianvi
Composer(s): Madan Mohan
Music Director(s): Madan Mohan
Genre(s): Sad
Director(s): Harnam Singh Rawail
Music Label: © aregama
Starring: Rishi Kapoor, Ranjeeta Kaur, Danny Dengzongpa, Aruna Irani, Asrani, Raza Murad
Release on: 27th September, 1979

हुस्न हाजिर है मुहब्बत
की सजा पाने को
हुस्न हाजिर है मुहब्बत
की सजा पाने को
कोई पत्थर से ना
मारे मेरे दीवाने को
कोई पत्थर से ना
मारे मेरे दीवाने को
कोई पत्थर से ना
मारे मेरे दीवाने को
हुस्न हाजिर है
मुहब्बत की सजा पाने को
कोई पत्थर से ना
मारे मेरे दीवाने को
कोई पत्थर से ना
मारे मेरे दीवाने को

मेरे दीवाने को
इतना ना सताओ लोगो
मेरे दीवाने को
इतना ना सताओ लोगो
यह तोह वहशी है
तुम्ही होश में आओ लोगों
यह तोह वहशी है
तुम्ही होश में आओ लोगों
बहुत रंजूर है यह
गमो से चूर है यह
बहुत रंजूर है यह
गमो से चूर है यह
कूड़ा का कॉफ उठाओ
बहुत मजबूर है यह
कूड़ा का कॉफ उठाओ
बहुत मजबूर है यह
क्यों चले आये हो
क्यों चले आये हो बेबस
पे सितम ढाने को
कोई पत्थर से
कोई पत्थर से ना
मारे मेरे दीवाने को
कोई पत्थर से ना
मारे मेरे दीवाने को

मेरे जलवो की खता है
जो यह दीवाना हुवा
मेरे जलवो की खता है
जो यह दीवाना हुवा
मई हु मुजरिम यह अगर
होश से बेगाना हुवा
मई हु मुजरिम यह अगर
होश से बेगाना हुवा
मुझे सूली चढ़ा दो
या शोलों पे जला दो
मुझे सूली चढ़ा दो
या शोलों पे जला दो
कोई शिकवा नहीं है
जो जी चाहे सजा दो
कोई शिकवा नहीं है
जो जी चाहे सजा दो
बक्श दो इस्स को
बक्श दो इस को मई
तैयार हु मिट जाने को
कोई पत्थर से ना मरे
कोई पत्थर से ना
मारे मेरे दीवाने को
कोई पत्थर से ना
मारे मेरे दीवाने को

पत्थरों को भी वफ़ा
फूल बना सकती है
पत्थरों को भी वफ़ा
फूल बना सकती है
यह तमाशा भी सरे
आम दिखा सकती है
यह तमाशा भी सरे
आम दिखा सकती है
लो अब्ब पत्थर उठाओ
ज़माने के कुदाओं
लो अब्ब पत्थर उठाओ
ज़माने के कुदाओं
तुमई तुम को आजमाओ
मुझे तुम आजमाओ
तुमई तुम को आजमाओ
मुझे तुम आजमाओ
अब्ब दुवा अर्श
अब्ब दुवा अर्श पे
जाती है असर लाने को
अब्ब दुवा अर्श पे
जाती है असर लाने को
कोई पत्थर से ना मरे
कोई पत्थर से ना
मारे मेरे दीवाने को
कोई पत्थर से ना
मारे मेरे दीवाने को
हुस्न हाजिर है मुहब्बत
की सजा पाने को
कोई पत्थर से ना
मारे मेरे दीवाने को
कोई पत्थर से ना
मारे मेरे दीवाने को.


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