खुशियाँ और ग़म Khushiyan Aur Gham Lyrics

खुशियाँ और ग़म Khushiyan Aur Gham Lyrics Lyrics

“Khushiyan Aur Gham” Song Details:

Movie: Mann
Singer(s): Anuradha Paudwal, Udit Narayan
Lyricist(s): Sameer Anjaan
Music Director(s): Sanjeev-Darshan
Genre(s): Sad
Director(s): Indra Kumar
Music Label: © Venus
Starring: Aamir Khan, Manisha Koirala, Anil Kapoor, Rani Mukerji, Sharmila Tagore, Dipti Bhatnagar, Anant Mahadevan, Satyendra Kapoor, Neeraj Vora
Release on: 9th July, 1999

खुशियाँ और ग़म सेहती है
फिर भी ये चुप रेहती है
अब तक किसी ने ना जाना
ज़िंदगी क्या केहती है

खुशियाँ और ग़म सेहती है
फिर भी ये चुप रेहती है
अब तक किसी ने ना जाना
ज़िंदगी क्या केहती है

अपनी कभी तो कभी अजनबी
आँसू कभी तो कभी है हसी
दरिया कभी तो कभी तिश्नगी
लगती है ये तो

खुशियाँ और ग़म सेहती है
फिर भी ये चुप रेहती है
अब तक किसी ने ना जाना
ज़िंदगी क्या केहती है


खामोशीयों की धीमी सदा है
ये ज़िंदगी तो रब की दुआ है
छू के किसी ने इसको
देखा कभी ना
एहसास की है खुशबू
मेहकी हवा है

खुशियाँ और ग़म सेहती है
फिर भी ये चुप रेहती है
अब तक किसी ने ना जाना
ज़िंदगी क्या केहती है
आहा आ आ आ
उम्म हम्म उम्म उम्म

मन से कहो तुम
मन की सुनो तुम
मन मीत कोई
मन को चुनो तुम

कुछ भी कहेगी दुनिया
दुनिया की छोड़ो
पलकों में सचके झिलमिल
सपने बुनो तुम

खुशियाँ और ग़म सेहती है
फिर भी ये चुप रेहती है
अब तक किसी ने ना जाना
ज़िंदगी क्या केहती है

अपनी कभी
तो कभी अजनबी
आँसू कभी
तो कभी है हंसी
दरिया कभी
तो कभी तिश्नगी
लगती है ये तो

खुशियाँ और ग़म सेहती है
खुशियाँ और ग़म सेहती है
फिर भी ये चुप रेहती है
फिर भी ये चुप रेहती है
अब तक किसी ने ना जाना
अब तक किसी ने ना जाना
ज़िंदगी क्या केहती है
ज़िंदगी क्या केहती है.

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