चारों तरफ अंधेर Charon Tarf Andher Lyrics

चारों तरफ अंधेर Charon Tarf Andher Lyrics Lyrics

“Charon Tarf Andher” Song Details:

Movie: Kudrat Ka Kanoon
Singer(s): Mohammed Aziz
Lyricist(s): Sameer
Composer(s): Laxmikant Shantaram Kudalkar (Laxmikant Pyarelal), Pyarelal Ramprasad Sharma (Laxmikant Pyarelal)
Music Director(s): Laxmikant Shantaram Kudalkar (Laxmikant Pyarelal), Pyarelal Ramprasad Sharma (Laxmikant Pyarelal)
Genre(s): Sad
Director(s): K.C. Bokadia, S.A. Chandrashekhar
Music Label: © T-Series
Starring: Beena Banerjee, Ramesh Deo, Jackie Shroff, Hema Malini
Release on: 23rd October, 1987

चारों तरफ अंधेर मचा हैं
चारों तरफ अंधेर मचा हैं
पानी महंगा सस्ता खून
कोई बताये ये हैं
कैसा कुदरत का कानून
चारों तरफ अंधेर मचा हैं
पानी महंगा सस्ता खून
कोई बताये ये हैं
कैसा कुदरत का कानून
कैसा कुदरत का कानून

किसने किया अपराध यहाँ पर
कोण बना हैं बाँधी
किसने किया अपराध यहाँ पर
कोण बना हैं बाँधी
ऊपर वाले तेरी दुनिया
इतनी हो गयी गन्दी रे
गाणी इतनी हो गयी गन्दी
देख रहा हैं सबका
तमाशा कुदरत का कानून
कुदरत का कानून
चारों तरफ अंधेर मचा हैं
पानी महंगा सस्ता खून
कोई बताये ये हैं
कैसा कुदरत का कानून
कैसा कुदरत का कानून

आभरु लुटे नारि की
ये इज्जत के रखवाले
आभरु लुटे नारि की
ये इज्जत के रखवाले
मेरे मालिक कैसे कैसे
पापी जग में पीला
पाप् के हाथों में हैं खिलौना
कुदरत का कानून
कुदरत का कानून
चारों तरफ अंधेर मचा हैं
पानी महंगा सस्ता खून
कोई बताये ये हैं
कैसा कुदरत का कानून
कैसा कुदरत का कानून

हर हुयी सच्चाई की
जूथ की हो गयी जीत
हर हुयी सच्चाई की
जूथ की हो गयी जीत
आज तेरे संसार की
साडी उलटी हो गयी रीत
रे मालिक उलटी हो गयी रीत
ऐसा लगता हो गया
उल्टा कुदरत का कानून
कुदरत का कानून
चारों तरफ अंधेर मचा हैं
पानी महंगा सस्ता खून
कोई बताये ये हैं
कैसा कुदरत का कानून
कैसा कुदरत का कानून


अबला की जो इज्जत लूटे
उसके सर पे चमके ताज़
और सितम राह आज्ञा बाकि
तेरे जग में आज रे मालिक
तेरे जग में आज
कब तक यूँही खयेगा दोखा
कुदरत का का कानून
कुदरत का का कानून
चारों तरफ अंदर मचा हैं
पानी महगा सस्ता खुन
कोई बताए ये है केसा
कुदरत का कानून
केसा कुदरत का कानून

जिसको चुना था जीवन साथी
आज वो निकला कातिल
जिसको चुना था जीवन साथी
आज वो निकला कातिल
ज़ुलम सितम की पाप
हवस की ये है आखरी मंज़िल
ज़ुलम सितम की पाप
हवस की ये है आखरी मंज़िल
ये है आखरी मंज़िल
ले के रहेंगे आज ये बदला
कुदरत का कानून
कुदरत का कानून
चारों तरफ अंधेर मचा हैं
पानी महंगा सस्ता खून
कोई बताये ये हैं
कैसा कुदरत का कानून
कैसा कुदरत का कानून

दुखा यारो ने मिलके किया हैं
आज पाप का नाश
आज पाप का नाश
आज मेरा दिल बोल
उठा बहादुरो सबस
बहादुरो सबस बहादुरो सबस
दुनिया के कानून से
ऊचा कुदरत का कानून
कुदरत का कानून
दुनिया के कानून से
ऊचा कुदरत का कानून
कुदरत का कानून
दुनिया के कानून से
ऊचा कुदरत का कानून
कुदरत का कानून.

Facebook
X
LinkedIn
WhatsApp
Pinterest
Reddit
Telegram
Email
Threads
VK
Scroll to Top