ज़िन्दगी वक़्त का आइना हैं Zindagi Waqt Ka Aaina Hain Lyrics

ज़िन्दगी वक़्त का आइना हैं Zindagi Waqt Ka Aaina Hain Lyrics Lyrics

“Zindagi Waqt Ka Aaina Hain” Song Details:

Movie: Akarshan
Singer(s): Ajit Singh, Kavita Krishnamurthy
Lyricist(s): Rajesh Johri
Composer(s): Ajit Singh
Music Director(s): Ajit Singh
Genre(s): Philosophical
Director(s): Tanvir Ahmed
Music Label: © Saregama
Starring: Sonu Walia, Rohini Hattangadi, Parveen Babi, Smita Patil, Raj Babbar, Girish Karnad, Akbar Khan
Release on: 7th October, 1988

ज़िन्दगी वक़्त का आइना हैं
जिसमे अपना ही चेहरा
अनजाना सा लगता हैं
जिसको समझो अपना वह
बेगाना सा लगता हैं
बेगाना सा लगता हैं
ज़िन्दगी वक़्त का आइना हैं

झूटा हैं दुनिया का मेला
झूटी दुनियादारी
फिर क्यों देती पलकों को
ख्वाबों की जिम्मेदारी
दूर तलक फैला कोई
वीराना सा लगता हैं
जिसको समझो अपना वह
बेगाना सा लगता हैं
बेगाना सा लगता हैं
ज़िन्दगी वक़्त का आइना हैं

ठहरी ठहरी कदमों से
मंज़िल की क्या उम्मीदें
बेहतर है चुप रहे के
अपने होंठो को ही सी दे
जिसको देखो आज वही
दीवाना सा लगता हैं
जिसको समझो अपना वह
बेगाना सा लगता हैं
बेगाना सा लगता हैं
ज़िन्दगी वक़्त का आइना हैं

किसे पता कब किसी मोड़ पे
रहे न अपना मैं
जिसे न जाना उसी की तरह
हो जाए आकर्षण
जरा गौर से देखो तोह
अफ़साना सा लगता हैं
जिसको समझो अपना वह
बेगाना सा लगता हैं
बेगाना सा लगता हैं


ज़िन्दगी वक़्त का आइना हैं
जिसमे अपना ही चेहरा
अनजाना सा लगता हैं
जिसको समझो अपना वह
बेगाना सा लगता हैं
बेगाना सा लगता हैं
ज़िन्दगी वक़्त का आइना हैं.

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