“Jiya Lage Na” Song Details:
| Label: | Aelaan Records |
| Singer(s): | Muhfaad |
| Lyricist(s): | Muhfaad |
| Music Director(s): | Kartavya |
| Genre(s): | Hip Hop |
| Music Label: | © Aelaan Records |
मेरे पास कला और सच दोनों शक्ति है
ज्ञान देना छोड़ दिया दुनिया ये बचती है
करो माफ बोलो जय गंगा मैया की
कोई बात नहीं जाग जाती कभी कभी भक्ति है
लोग बोले मांगी क्यूँ माफी
गंगा तो मैली है पेहले से काफी
तुमने तो बोला था मुहावरे की तराह
यही लोग हगें मूतें न है शरम ज़रा भी
अस्थियाँ लेके मैंने दादा दादी अपने
गंगा में बहाये दफनाई नहीं कफनें
मुहफाड़ ने मुंह बंद क्या किया तो
सभी ये लोग लगे क्या क्या ही बकक्ने
घेरना तो चाहा इन सब ने
सोचा कलाकार हूँ लगूँगा मैं भी दबने
वास्तव में नास्तिक मैं ही तो ऊपर वाला हूँ
पैदा माँ बाप ने किया था ना की रब ने
तेरी औकात की झोली में चिल्लर जमा
अनपढ़ है सोच और ये जाहिल ज़ुबान
बेशरम पाना तू बैठा धरम बना
भले गरम तवा फुल्के नरम तेरे करम गवाह
मुहफाड़ चुप गौरव बोले मुंह पे
धरम इंसानियत कला में वो डूबे
कलाकार बाद में है पेहले इंसान हूँ
साला कोई कुछ भी बोल दे और मैं चुप रहूँ!
क्यूँ बे!
जिया लागे ना
जिया लागे ना
सीख गया वक़्त से ये एहसान है गैरों के
चाहते रोकने थे उनसे पर रुका ना मैं रोके
था बेराह मुसाफिर मंज़िलों की छोड़ी आस ना
तो रास्ता खदबखुद ये नीचे आने लगे पेरो के
पड़ता फरक ना जो सीखा परखना
छलके तलवे घिस गए ज़मीन छूटा तखना
मुझको रख लो तुम ज़ुबान पे या दिल में दो पनाह
गिरा दो काट हाथ पैर पर मैं भुला ना सरकना
आना है सबको पेहले इस्थान पे
दूसरों के कंधे चढ़के मूतते ये कान पे
आता इनको रास ना जो कोई निकले इनसे बेहतर
इनसे ज़्यादा ज़िंदा दिल गड़े हुये 10 मुर्दे कब्रिस्तान में
बंदा तू फन्नी नहीं इगो की कमी नहीं
सोर्री बोले कॉल पे पर बात वहाँ थमी नहीं
आके करे माँ के लौंडे तारीफ़ें किलास के
बिना बात चाट मत क्यूंकी मेरी सनी नहीं
जिया लागे ना
जिया लागे ना
मैं तानसेन काम से जनता जानती
दिल से मानती बंदा काँड़ी
सुनती ध्यान से मिले मन की शांति
अहिंसावादी जैसे गांधी
मुहफाड़ तूफान ज़ुबान से लाता आँधी
अलबेला मैं!
आके बीट पे सजाता मेला मैं
ऐसी चकाचौंध रोशनी करू अकेला मैं
उजाला की सफेदी हूँ मैं रॉबिन के नील ये
फौज लेके बीट पे खेलता गुरू चेला मैं
रसीला मैं जूस खून में लगा लूँ ठेला मैं
शेक बातें करदे 10 सच को देता मिला मैं
रॉ बिना स्ट्रॉ मारू घूट इस्स बीट की
फिर बिना अम्ब्रेला केला दू लगा नुटेल्ला मैं
देहला दूँ इन्हे बिना मारे नेहला पे देहला मैं
डेढ़ शानो को ना कभी देता एक देहला मैं
चाहो जो सीखना तो ले लो रफ क्लासीस
मात्र कुछ रूपय में होता 8 दिन वेल्ला मैं!


