“Tu Hindu Banega Na Musalaman” Song Details:
| Movie: | Dhool Ka Phool |
| Singer(s): | Mohammed Rafi |
| Lyricist(s): | Sahir Ludhianvi |
| Composer(s): | Datta Naik |
| Music Director(s): | Datta Naik |
| Genre(s): | Philosophical |
| Director(s): | Yash Chopra |
| Music Label: | © Saregama |
| Starring: | Mala Sinha, Rajendra Kumar, Nanda, Ashok Kumar |
| Release on: | 1st January, 1959 |
तू हिन्दू बनेगा न
मुसलमान बनेगा
इंसान की औलाद है
इंसान बनेगा
तू हिन्दू बनेगा न
मुसलमान बनेगा
इंसान की औलाद है
इंसान बनेगा
अच्छा है अभी तक
तेरा कुछ नाम नहीं है
तुझको किसी मजहब से
कोई काम नहीं है
अच्छा है अभी तक
तेरा कुछ नाम नहीं है
तुझको किसी मजहब
से कोई काम नहीं है
जिस जुल्म ने इंसानो
को तकसीम किया है
उस इल्म का तुझपर कोई
इल्जाम नहीं है
तू बदले हुए वक़्त
की पहचान बनेगा
इंसान की औलाद है
इंसान बनेगा
तू हिन्दू बनेगा न
मुसलमान बनेगा
इंसान की औलाद
है इंसान बनेगा
मालिक ने हर इंसान
को इंसान बनाया
हम ने उसे हिन्दू
या मुसलमान बनाया
मालिक ने हर इंसान
को इंसान बनाया
हम ने उसे हिन्दू
या मुसलमान बनाया
कुदरत ने तो हमे
बक्सी थी एक ही धरती
हमने कही भारत
कही ईरान बनाया
जो तोड़ दे हर संग
वो तूफ़ान बनेगा
इंसान की औलाद
है इंसान बनेगा
तू हिन्दू बनेगा न
मुसलमान बनेगा
इंसान की औलाद है
इंसान बनेगा
नफरत वो सिखाये वो
धरम तेरा नहीं है
इंसान को जो रोंदे वो
कदम तेरा नहीं है
नफरत वो सिखाये वो
धरम तेरा नहीं है
इंसान को जो रोंदे
वो कदम तेरा नहीं है
कुरआन न हो जिसमे
वो मंदिर नहीं तेरा
गीता न हो जिसमे वो
धरम तेरा नहीं है
तू अमन का और सुलह
का अरमान बनेगा
इंसान की औलाद है
इंसान बनेगा
तू हिन्दू बनेगा न
मुसलमान बनेगा
इंसान की औलाद है
इंसान बनेगा
ये दिन ये तजर ये
वतन बेचने वाले
वतन बेचने वाले
ये दिन ये तजर ये
वतन बेचने वाले
इंसान की लाशों के
कफ़न बेचने वाले
इंसान की लाशों के
कफ़न बेचने वाले
ये महलों में भेथे
हुए काफ़िर ये लुटेरे
कांटो के ये मजनो है
चमन बेचने वाले
कांटो के ये मजनो है
चमन बेचने वाले
तू इनके लिए मौत
का एलान बनेगा
इंसान की औलाद है
इंसान बनेगा
तू हिन्दू बनेगा न
मुसलमान बनेगा
इंसान की औलाद
है इंसान बनेगा.


