दरवाजा काहे बंद किया Darwaja Kahe Band Kiya Lyrics

दरवाजा काहे बंद किया Darwaja Kahe Band Kiya Lyrics Lyrics

“Darwaja Kahe Band Kiya” Song Details:

Movie: Dushman Duniya Ka
Singer(s): Asha Bhosle, Sudesh Bhonsle
Lyricist(s): Ravindra Jain
Composer(s): Anu Malik
Music Director(s): Anu Malik
Genre(s): Masti
Director(s): Mehmood
Music Label: © Zee Music
Starring: Jeetendra, Sumalatha, Laila Mehdin, Shahrukh Khan, Salman Khan
Release on: 20th September, 1996

दरवाजा काहे बंद किया बोलो न
कुण्डी जो लगायी है उसे खोलो न
दरवाजा काहे बंद किया बोलो न
कुण्डी जो लगायी है उसे खोलो न
अब प्यार के बढ़ते कदम रोको न
मै जो भी करो आज मुझे तोको न

मुझे घर जाने दो जी तो भर जाने तो
बाबा घर जाने दो जी तो भर जाने तो
माफ़ कर बच्ची को पहले एक कीची दो
माफ़ कर बच्ची को पहले एक कीची दो
दरवाजा काहे बंद किया बोलो न
कुण्डी जो लगायी है उसे खोलो न

है ये वही घर के जहा तुमको
दुल्हन बनके आना है
यानि साडी उमरदुस्मन का
मुझको साथ निभाना है
तू मन कहा मेरा दुसमन नहीं मैं तेरा
सीने से लगाउंगा पलकों पे बिठाऊंगा
मैं ही रूलाने वाला मैं ही हँसाने वाला
मैं ही सताने वाला मैं ही बचने वाला
आते हो नजर तुम तो सैतान अंधेरो में
बाते तो सरीफो की कम लुटेरो के

हो पर्दा ये काहे खीच लिया बोलो न
बत्ती ये जो बुझायी है उसे खोलो न
अब प्यार के बढ़ते कदम रोको न
मै जो भी करो आज मुझे तोको न
मुझे घर जाने दो जी तो भर जाने तो
बाबा घर जाने दो जी तो भर जाने तो
माफ़ कर बच्ची को पहले एक कीची दो
माफ़ कर बच्ची को पहले एक कीची दो
दरवाजा काहे बंद किया खोलो न
कुण्डी जो लगायी है उसे खोलो न


थोड़े दिन और सनम
अपने दिल दीवाने को
क्या करूँ ये घडी घडी मचले
प्यार के एक नजरने को
एक जाल है आंटी का एक गाल ही उनकले का
वेसनी है सखियो की ये हाथ है साथी का
साथी है मेरा ऐसा कोई न उसके जैसा
ज़िद्दी है मगर थोड़ा
जो सोचा वो कर छोड़ा

एक रोज तुझे जनम हर रोज को लौंगा
फिर तेरी ही मर्जी से माँ ीतुझको सताऊंगा
चेहरा ये कहे धप लिया बोलो न
जो चीज़ छुपी उसे खोलो न
अब हो रही है देर मुझे रोको न
मुझे घर जाने दो जी तो भर जाने तो
बाबा घर जाने दो जी तो भर जाने तो
माफ़ कर बच्ची को पहले एक कीची दो
माफ़ कर बच्ची को पहले एक कीची दो
दरवाजा काहे बंद किया खोलो न
कुण्डी जो लगायी है उसे खोलो न

मैं हु तुम हो प्यार हो
और न हो कुछ दरमय
काश रुक जाये यही
वक़्त का ये करवा
आँखों से मिले आन्हके
और मिलके ठहर जाये
ये प्यार भरी सांस
साँसों में बिखर जाये
एक दूजे की बाहों में
जीते हुए मर जाये

हम प्यार के दीवाने
हर हद से गुजर जाये
मंजूर किया मैंने
तेरे संग रहना
अब तू भी कभी मुझे
घर जाने को न कहना
ये रात काहे ढलने लगी बोलो न
अब होने लगी भोर आँखे खोलो न
ये भोर की है पहली किरण रोको न
पायी है आज ख़ुशी तोको न.

Facebook
X
LinkedIn
WhatsApp
Pinterest
Reddit
Telegram
Email
Threads
VK
Scroll to Top