“Dard Apna Likh Na Payee” Song Details:
| Movie: | Kahaani Gudiya Ki…: True Story Of a Woman |
| Singer(s): | Jagjit Singh |
| Lyricist(s): | Madan Pal |
| Composer(s): | Vivek Prakash |
| Music Director(s): | Vivek Prakash |
| Genre(s): | Philosophical |
| Director(s): | Prabhakar Shukla |
| Music Label: | © Universal |
| Starring: | Divya Dutta, Arif Zakaria, Rajpal Yadav |
| Release on: | 11th April, 2008 |
लिरिक्सबोगी.कॉम
दर्द अपना लिख ना पाए उंगलिया जलती रही
दर्द अपना लिख ना पाए उंगलिया जलती रही
रस्मो के पहरे में दिल की चिठिया जलती रही
दर्द अपना लिख ना पाए उंगलिया जलती रही
जिंदगी की महफिलें सजती रही हर पल मगर
जिंदगी की महफिलें सजती रही हर पल मगर
मेरे कमरे में मेरी तन्हाईया जलती रही
तन्हाईया जलती रही
दर्द अपना लिख ना पाए उंगलिया जलती रही
बारिशों के दिन गुजरे गर्मिया भी कट गयी
बारिशों के दिन गुजरे गर्मिया भी कट गयी
पूछ मत हमसे की कैसे सर्दियाँ जलती रही
सर्दियाँ जलती रही
दर्द अपना लिख ना पाए उंगलिया जलती रही
तुम तोह बदल थे हमें तुमसे बड़ी उम्मीद थी
तुम तोह बदल थे हमें तुमसे बड़ी उम्मीद थी
उड़ गए बिन बरसे तुम भी बस्तियां जलती रही
बस्तियां जलती रही
दर्द अपना लिख ना पाए उंगलिया जलती रही
रस्मो के पहरे में दिल की चिठिया जलती रही
दर्द अपना लिख ना पाए उंगलिया जलती रही.


