“Nirdhan Ka Ghar Lootne Waalon” Song Details:
| Movie: | Baiju Bawra |
| Singer(s): | Mohammed Rafi |
| Lyricist(s): | Shakeel Badayuni |
| Composer(s): | Naushad Ali |
| Music Director(s): | Naushad Ali |
| Genre(s): | Philosophical |
| Director(s): | Vijay Bhatt |
| Music Label: | © Saregama |
| Starring: | Meena Kumari, Bharat Bhushan |
| Release on: | 10th August, 1952 |
लिरिक्सबोगी.कॉम
निर्धन का घर लूटने वालो
लूट लो दिल का प्यार
प्यार वो धन है जिसके आगे
सब धन है बेकार
ओ इंसान बनो
इंसान बनो करलो
भलाई का कोई
काम इंसान बनो
दुनिया से चले जाओगे
रह जाएगा बस नाम
इंसान बनो
ओ इस बाग़ में सूरज
भी निकलता है लिए ग़म
फूलों की हँसी देख
के रो देती है शबनम
कुछ देर की खुशियां हैं
तो कुछ देर का मातम
किस नींद में हो
किस नींद में हो
जागो ज़रा सोच लो
अंजाम इंसान बनो
ओ लाखों यहाँ शान
अपनी दिखाते हुए आये
दम भर के लिए नाच
गए धुप में साये
वो भूल गए थे के
ये दुनिया है सराय
आता है कोई
आता है कोई सुबह को
जाता है कोई
शाम इंसान बनो
ओ क्यों तुमने लगाए
हैं यहां ज़ुल्म के डेरे
धन साथ न जाएगा
बने क्यूँ हो लुटेरे
पीते हो गरीबों का
लहू शाम सवेरे
खुद पाप करो
खुद पाप करो नाम हो
शैतान का बदनाम
इंसान बनो
इंसान बनो करलो
भलाई का कोई काम
इंसान बनो
दुनिया से चले जाओगे
रह जाएगा बस नाम
इंसान बनो.


