पसंद आ गई है एक काफ़िर हसीना Pasand Aa Gai Hai Ek Kafir Haseena Lyrics

पसंद आ गई है एक काफ़िर हसीना Pasand Aa Gai Hai Ek Kafir Haseena Lyrics Lyrics

“Pasand Aa Gai Hai Ek Kafir Haseena” Song Details:

Movie: Mehboob Ki Mehndi
Singer(s): Mohammed Rafi
Lyricist(s): Anand Bakshi
Composer(s): Laxmikant Shantaram Kudalkar (Laxmikant Pyarelal), Pyarelal Ramprasad Sharma (Laxmikant Pyarelal)
Music Director(s): Laxmikant Shantaram Kudalkar (Laxmikant Pyarelal), Pyarelal Ramprasad Sharma (Laxmikant Pyarelal)
Genre(s): Happy (Feel Good)
Director(s): H S Rawail
Music Label: © Saregama
Starring: Rajesh Khanna, Leena Chandavarkar
Release on: 30th January, 1971

तारों की बारातों में
भीगी भीगी बरसातों में
सोई सोई जागी जागी खोयी खोयी
चांदनी रातों में रातों में

रातों में हो रातों में
रातों में हो रातों में
फिर नींद कहाँ आती है
फिर नींद कहाँ आती है
जो लग जाती है महबूब की
मेहंदी हाथों में
ओ ओ ओ रातों में रातों में
फिर नींद कहाँ आती है
जो लग जाती है महबूब की
मेहंदी हाथों में
हो रातों में

जिनमें खिली हम
बन के कलियाँ
यह बाबुल की गालिया
यह बाबुल की गालिया
छोडके इनको भुलेगा
दिल कैसे यह रंग रलिया
यह गालिया जो याद आती है
बरस जाती है यह
आँखें बरसातों में
ओ ओ ओ ओ रातों में
ओ ओ ओ ओ हो हो हो ओ ओ ओ ओ

लिरिक्सबोगी.कॉम

तुमको मुबारक दिन यह
सुहाना हमको भूल न जाना
हमको भूल न जाना
सुन शादी के बाद
सहेली दिल का हाल सुनाना
बतलाना कटी कैसे
रातें हुयी हाय
बातें क्या पहली
मुलाकातों में
ओ रातों में

सारे रिश्ते सच्चे
झुठे इक न इक दिन टूटे
पर इन् हाथों से मेहंदी
का रंग कभी न छूटे
क्या बात है अल्लाह दुहायी
नजर भर आयी क्यों
तेरी बातों बातों में
ओ ओ ओ ओ रातों में फिर
नींद कहाँ आती है
जो लग जाती है महबूब की
मेहंदी हाथों में
हो रातों में
मेहबूब की मेहंदी हाथों
में हो ओ ओ रातों में
मेहबूब की मेहंदी हाथों
में हो ओ ओ रातों में
मेहबूब की मेहंदी हाथों में
मेहबूब की मेहंदी हाथों में.


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