पेहली सी मोहब्बत Pehli Si Muhabbat Lyrics

पेहली सी मोहब्बत Pehli Si Muhabbat Lyrics Lyrics

“Pehli Si Muhabbat” Song Details:

TV Show: Pehli Si Muhabbat
Singer(s): Ali Zafar
Lyricist(s): Asad Shah
Composer(s): Gohar Mumtaz
Music Director(s): Gohar Mumtaz
Genre(s): Love
Director(s): Anjum Shahzad
Music Label: © ARY Digital
Starring: Sheheryar Munawar, Maya Ali

तेरे संग गुजरे मेरे जो लम्हे
तुम से वो मांगु
मैं तलबगार हूँ
तुमसे थोड़ी मोहलत मांगु

तू वही मैं वोही
है मगर बेबसी
ज़िंदगी को गवारा
अब कैसे करे

दिल के दरवाजे पे
फिर से तेरी दस्तक मांगु
तुझसे ही फिर अपनी
पेहली सी मोहब्बत मांगु

वो चाह जो हम में थी
फिर से वोही चाहत मांगु
तुझसे ही फिर अपनी
पेहली सी मोहब्बत मांगु


तनहाई में मर जाएँ
क्या फिर आओगे
इस तरहा से क्या हरपल
तुम तड़पाओगे

गैर की तरहा से
ये तकलुफ़्फ़ कैसा
ये मूरवत्त है कैसी
ये तारुफ़्फ़ कैसा

मैं ने अपने ही हाथों से
गवाया है तुझे
आशना कोई और अब भाया है तुझे

दिल के दरवाजे पे
फिर से तेरी दस्तक मांगु
तुझसे ही फिर अपनी
पेहली सी मोहब्बत मांगु

वो चाह जो हम में थी
फिर से वोही चाहत मांगु
तुझसे ही फिर अपनी
पेहली सी मोहब्बत मांगु

हम्म, हम्म

यार, यार
यार, यार

दिल के दरवाजे पे
फिर से तेरी दस्तक मांगु
तुझसे ही फिर अपनी
पेहली सी मोहब्बत मांगु

वो चाह जो हम में थी
फिर से वोही चाहत मांगु
तुझसे ही फिर अपनी
पेहली सी मोहब्बत मांगु.

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