बच्चे मन के सच्चे Bacche Mann Ke Sacche Lyrics

बच्चे मन के सच्चे Bacche Mann Ke Sacche Lyrics Lyrics

“Bacche Mann Ke Sacche” Song Details:

Movie: Do Kaliyaan
Singer(s): Lata Mangeshkar
Lyricist(s): Sahir Ludhianvi
Composer(s): Ravi Shankar Sharma (Ravi)
Music Director(s): Ravi Shankar Sharma (Ravi)
Genre(s): Kids
Director(s): R. Krishnan, S. Panju
Music Label: © Saregama
Starring: Mala Sinha, Biswajeet, Mehmood, Neetu Singh
Release on: 1st January, 1968

बच्चे मन के सच्चे
बच्चे मन के सच्चे
साड़ी जग के आँख के तारे
ये वो नन्हे फूल है जो
भगवान को लगते प्यारे
बच्चे मन के सच्चे

खुद रूठे खुद मन जाए
फिर हमजोली बन जाए
झगड़ा जिसके साथ करे
अगले ही पल फिर बात करे
झगड़ा जिसके साथ करे
अगले ही पल फिर बात करे
इनको किसी से बैर नहीं
इनके लिए कोई गैर नहीं
इनका भोलापन मिलता
है सबको बांह पसारे
बच्चे मन के सच्चे
साड़ी जग के आँख के तारे

इन्ससान जब तक बच्चा है
तब तक समझ का कच्चा है
ज्यों ज्यों उसकी उमर बढे
मन पर झूठ का मेल चढ़े
क्रोध बढे नफ़रत घेरे
लालच की आदत घेरे
बचपन इन पापो से हटा
कर अपनी उम्र गुज़ारे
बच्चे मन के सच्चे
साड़ी जग के आँख के तारे
ये वो नन्हे फूल है जो
भगवान को लगते प्यारे
बच्चे मन के सच्चे

तन कोमल मन सुन्दर
है बच्चे बड़ों से बेहतर
इनमे छूट और छात नहीं
झूठी जात और पात नहीं
भाषःआ की तक़रार नहीं
मज़हब की दीवार नहीं
इनकी नज़रों में एक है
मंदिर मस्जिद गुरूद्वारे
बच्चे मन के सच्चे
साड़ी जग के आँख के तारे
ये वो नन्हे फूल है जो
भगवान को लगते प्यारे
बच्चे मन के सच्चे.


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