“Bajrang Baan” Song Details:
| Album/Label: | Shree Hanuman Chalisa (2009) |
| Singer(s): | Lata Mangeshkar |
| Lyricist(s): | Traditional |
| Music Director(s): | Mayuresh Pai |
| Genre(s): | Chalisa |
| Music Label: | © T-Series Bhakti Sagar |
दोहा:
निश्चय प्रेम प्रतीति ते
बिनय करै सनमान
तेहि के कारज सकल शुभ
सिद्ध करै हनुमान
चौपाई:
जय हनुमन्त सन्त हितकारी
सुनि लीजै प्रभु बिनय हमारी
जन के काज विलम्ब न कीजै
आतुर दौरि महा सुख दीजै
जय हनुमन्त सन्त हितकारी
जैसे कूदि सिन्धु के पारा
सुरसा बदन पैठि बिस्तारा
आगे जाय लंकिनी रोका
मारेहु लात गई सुर लोका
जाय विभीषण को सुख दीन्हा
सीता निरखि परम पद लीन्हा
बाग उजारि सिन्धु महं बोरा
अति आतुर जम कातर तोरा
जय हनुमन्त सन्त हितकारी
अक्षय कुमार मारि संहारा
लूम लपेटि लंक को जारा
लाह समान लंक जरि गई
जय जय धुनि सुर पुर नभ भई
अब विलम्ब केहि कारण स्वामी
कृपा करहुं उर अन्तर्यामी
जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता
आतुर होइ दु:ख करहुं निपाता
जय हनुमन्त सन्त हितकारी
जय हनुमान जयति बल सागर
सुर समूह समरथ भटनागर
ॐ हनु हनु हनुमन्त हठीले
बैरिहिं मारू वज्र की कीले
ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमन्त कपीसा
ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा
जय अंजनि कुमार बलवन्ता
शंकर सुवन बीर हनुमन्ता
जय हनुमन्त सन्त हितकारी
बदन कराल काल कुल घालक
राम सहाय सदा प्रतिपालक
भूत प्रेत पिसाच निसाचर
अग्नि बैताल काल मारीमर
इन्हें मारु तोहि शपथ राम की
राखु नाथ मरजाद नाम की
सत्य होउ हरि शपथ पाईके
रामदूत धरु मारु धाई कै
जय हनुमन्त सन्त हितकारी
जय जय जय हनुमन्त अगाधा
दु:ख पावत जन केहि अपराधा
पूजा जप तप नेम अचारा
नहिं जानत कछु दास तुम्हारा
बन उपवन मग गिरि गृह माहीं
तुमरे बल हो डरपत नाहीं
जनकसुता हरि दास कहावो
ताकी शपथ विलम्ब न लावो
जय हनुमन्त सन्त हितकारी
जय जय जय धुनि होत अकाशा
सुमिरत होत दुसह दु:ख नाशा
चरण शरण करि जोरि मनावों
यहि औसर अब केहि गोहरावों
उठ उठ चलु तोहिं राम दुहाई
पांय परौं कर जोरि मनाई
ॐ चं चं चं चं चपल चलन्ता
ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता
जय हनुमन्त सन्त हितकारी
ॐ हं हं हांक देत कपि चंचल
ॐ सं सं सहमी पराने खल दल
अपने जन को तुरत उबारो
सुमिरत होय आनन्द हमारो
यह बजरंग बाण जेहि मारै
ताहि कहौ फिर कौन उबारै
पाठ करै बजरंग बाण की
हनुमत रक्षा करै प्राण की
यह बजरंग बाण जो जापै
तासो भूत प्रेत सब कांपै
धूप देय जो जपै हमेसा
ताके तन नहिं रहै कलेशा
जय हनुमन्त सन्त हितकारी
दोहा:
उर प्रतीति द्रढ़ शरण है
पाठ करै धरी ध्यान
बाधा सब हर करै
सब काम सफल हनुमान.
Hanuman Chalisa Lyrics


