मंज़िल की चाह में Manzil Ki Chah Mein Lyrics

मंज़िल की चाह में Manzil Ki Chah Mein Lyrics Lyrics

“Manzil Ki Chah Mein” Song Details:

Movie: Devdas (1955)
Singer(s): Mohammed Rafi
Lyricist(s): Sahir Ludhianvi
Composer(s): S. D. Burman
Music Director(s): S. D. Burman
Genre(s): Philosophical
Director(s): Bimal Roy
Music Label: © Saregama
Starring: Dilip Kumar, Vyjayanthimala, Suchitra Sen, Motilal
Release on: 1st January, 1955

राही ओ राही
मंज़िल की चाह में
राही के वास्ते
सुख के भी रास्ते
दुःख के भी रास्ते
मंज़िल की चाह में
राही के वास्ते
सुख के भी रास्ते
दुःख के भी रास्ते
कहीं घनी छाँव है
कहीं कड़ी धुप है
मंज़िल की चाह में
मंज़िल की चाह में
मंज़िल की चाह में
राही के वास्ते
सुख के भी रास्ते
दुःख के भी रास्ते

ये भी एक रूप है
वो भी एक रूप है
मंज़िल की चाह में
मंज़िल की चाह में
मंज़िल की चाह में
राही के वास्ते
सुख के भी रास्ते
दुःख के भी रास्ते

कई यहां खोएंगे
कई यहां पाएंगे
राही कई अभी जाएंगे
कई अभी आएंगे
ओ राही कई अभी जाएंगे
कई अभी आएंगे
मंज़िल की चाह
में राही के वास्ते
मंज़िल की चाह
में राही के वास्ते
सुख के भी रास्ते
दुःख के भी रास्ते
मंज़िल की चाह में
राही के वास्ते
सुख के भी रास्ते
दुःख के भी रास्ते रही
मंज़िल की चाह में
राही के वास्ते
सुख के भी रास्ते
दुःख के भी रास्ते
मंज़िल की चाह में
राही के वास्ते
सुख के भी रास्ते
दुःख के भी रास्ते.

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