मुल्क में बच्चो की अगर Mulk Me Bachcho Ki Gar Lyrics

मुल्क में बच्चो की अगर Mulk Me Bachcho Ki Gar Lyrics Lyrics

“Mulk Me Bachcho Ki Gar” Song Details:

Movie: Vaasna
Singer(s): Asha Bhosle, Lata Mangeshkar
Lyricist(s): Sahir Ludhianvi
Composer(s): Chitragupta Shrivastava
Music Director(s): Chitragupta Shrivastava
Genre(s): Kids
Director(s): T. Prakash Rao
Music Label: © Saregama
Starring: Raaj Kumar, Padmini, Kumud Chuggani
Release on: 17th May, 1968

बड़ो का राज़ तो सदियों से है ज़माने में
कभी हुआ नहीं दुनिआ में राज़ चोटो का
अगर हमें भी मिले इख़्तियार ए लोगो
तो हम दिखाये तुम्हे काम काज चोटों का
मुल्क में बच्चो की अगर सर्कार हो
मुल्क में बच्चो की अगर सर्कार हो
ज़िन्दगी एक जश्न एक त्यौहार हो
मुल्क में बच्चो की अगर सर्कार हो
ज़िन्दगी एक जश्न एक त्यौहार हो
मुल्क में बच्चो की अगर सर्कार हो

हुक्म दे हुक्म दे ऐसे कैलेंडर के लिए
हुक्म दे हुक्म दे ऐसे कैलेंडर के लिए
जिसमे दो दिन बाद एक इतवार हो
मुल्क में बच्चो की अगर सर्कार हो
ज़िन्दगी एक जश्न एक त्यौहार हो
मुल्क में बच्चो की अगर सर्कार हो

सबको दे स्कूल जैसा यूनिफार्म
सबको दे स्कूल जैसा यूनिफार्म
एक सी हर पेण्ट हर सल्वार हो
हॉस्टल तामीर हो सबके लिए
कोई भी इंसान न बेघर बार हो
राष्ट्र भाषा हम इशारो को बनाये
राष्ट्र भाषा हम इशारो को बनाये
दखन उत्तर में न फिर तकरार हो
मुल्क में बच्चो की अगर सर्कार हो
ज़िन्दगी एक जश्न एक त्यौहार हो
मुल्क में बच्चो की अगर सर्कार हो

हम मिनिस्टर हो तो वो सिस्टम बने
हम मिनिस्टर हो तो वो सिस्टम बने
जिसमे मुफ्लिश हो न सहकर हो
कोमि दौलत से ख़ज़ाने हो भरे
खुद ही लेले जिसको जो डरकर हो
ईद दिवाली सभी मिल कर बनाये
ईद दिवाली सभी मिल कर बनाये
आदमी को आदमी से प्यार हो
मुल्क में बच्चो की अगर सर्कार हो
ज़िन्दगी एक जश्न एक त्यौहार हो
मुल्क में बच्चो की अगर सर्कार हो.


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