मुहब्बत बुरी है Muhabbat Buri Hai Lyrics

मुहब्बत बुरी है Muhabbat Buri Hai Lyrics Lyrics

“Muhabbat Buri Hai” Song Details:

Label: Sufiscore
Singer(s): Amanat Ali
Lyricist(s): Amanat Ali
Composer(s): Amanat Ali
Music Director(s): Ahsan Pervaiz Mehdi
Genre(s): Ghazal
Music Label: © Sufiscore
Starring: Adnan Siddiqui, Zara Peerzada

मुहब्बत बुरी है, बुरी है मुहब्बत
कहे जा रहे हैं किये जा रहें हैं
मुहब्बत बुरी है, बुरी है मुहब्बत
कहे जा रहे हैं किये जा रहें हैं

ये है जेहेर मीठा ये मीठा जेहेर है
कहे जा रहे हैं पिए जा रहें हैं
मुहब्बत बुरी है, बुरी है मुहब्बत
कहे जा रहे हैं किये जा रहें हैं

ज़मानें के दुःख दर्द ग़म हमको देकर
ना पूछा कभी हाल साहिब ने मेरा
ज़मानें के दुःख दर्द ग़म हमको देकर
ना पूछा कभी हाल साहिब ने मेरा

मेरे चाक दामन दामन चाक मेरे
किये जा रहें हैं सीए जा रहें हैं
मुहब्बत बुरी है, बुरी है मुहब्बत
कहे जा रहे हैं किये जा रहें हैं


ये झंझट उन्ही का फसे भी हैं खुद ही
ना रोके रुके हैं तो कैसे गिले हैं
ये झंझट उन्ही का फसे भी हैं खुद ही
ना रोके रुके हैं तो कैसे गिले हैं

शिकायत मुसलसल मुसलसल शिकायत
किये जा रहें है जिए जा रहे है
मुहब्बत बुरी है, बुरी है मुहब्बत
कहे जा रहे हैं किये जा रहें हैं

मैंने खाना बना कर वो बैठे हैं घर को
करेंगे तरक कैसे आदत बुरी को
मैंने खाना बना कर वो बैठे हैं घर को
करेंगे तरक कैसे आदत बुरी को

तसल्ली वो दिल को वो दिल को तसल्ली
दिए जा रहें हैं पिये जा रहे हैं
मुहब्बत बुरी है, बुरी है मुहब्बत
कहे जा रहे हैं किये जा रहें हैं

ये है ज़हर मीठा ये मीठा ज़हर है
कहे जा रहे हैं पिये जा रहे हैं
मुहब्बत बुरी है, बुरी है मुहब्बत
कहे जा रहे हैं किये जा रहें हैं
मुहब्बत बुरी है, बुरी है मुहब्बत
कहे जा रहे हैं किये जा रहें हैं

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