यह शाम का धूआ Yeh Shaam Kaa Dhua Lyrics

यह शाम का धूआ Yeh Shaam Kaa Dhua Lyrics Lyrics

“Yeh Shaam Kaa Dhua” Song Details:

Movie: Vaasna
Singer(s): Lata Mangeshkar, Mohammed Rafi
Lyricist(s): Sahir Ludhianvi
Composer(s): Chitragupta Shrivastava
Music Director(s): Chitragupta Shrivastava
Genre(s): Romantic
Director(s): T. Prakash Rao
Music Label: © Saregama
Starring: Raaj Kumar, Padmini, Kumud Chuggani
Release on: 17th May, 1968

यह पर्बतो के दायरे यह शाम का धूआ
ऐसे में क्यों ना छेड़ दे दिलों की दास्तान
यह पर्बतो के दायरे यह शाम का धूआ
ऐसे में क्यों ना छेड़ दे दिलों की दास्तान
यह पर्बतो के दायरे यह शाम का धूआ

जरासी जुल्फ खोल दो फिजा मे इतर घोल दो
जरासी जुल्फ खोल दो फिजा मे इतर घोल दो
नजर जो बात कह चुकी वह बात मुँह से बोल दो
की झूम उठे निगाह में बहार का समां
यह पर्बतो के दायरे यह शाम का धूआ
ऐसे में क्यों ना छेड़ दे दिलों की दास्तान
यह पर्बतो के दायरे यह शाम का धूआ

यह चुप भी एक सवाल है अजीब दिन का हाल है
यह चुप भी एक सवाल है अजीब दिन का हाल है
हर इक ख़याल खो गया बस अब यही ख्याल है
की फसल ना कुछ रहे हमारे दर्मिया
यह पर्बतो के दायरे यह शाम का धूआ
ऐसे में क्यों ना छेड़ दे दिलों की दास्तान
यह पर्बतो के दायरे यह शाम का धूआ

यह रूप रंग यह फबन चमकते चाँद सा बदन
यह रूप रंग यह फबन चमकते चाँद सा बदन
बुरा ना मानो तुम अगर तोह चूम लू किरण किरण
की आज हौसलो में है बला की गर्मियां
यह पर्बतो के दायरे यह शाम का धूआ
ऐसे में क्यों ना छेड़ दे दिलों की दास्तान
यह पर्बतो के दायरे यह शाम का धूआ.


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