शाम सुहानी हो Sham Suhani Ho Lyrics

शाम सुहानी हो Sham Suhani Ho Lyrics Lyrics

“Sham Suhani Ho” Song Details:

Movie: Kala Chor
Singer(s): Mohammed Rafi
Lyricist(s): Verma Malik
Composer(s): Sardul Singh Kwatra
Music Director(s): Sardul Singh Kwatra
Genre(s): Playful
Music Label: © Saregama
Starring: Amarnath, Chitra, Kumkum, Madan Puri
Release on: 1st January, 1965

शाम सुहानी हो नदी हो पानी हो
शाम सुहानी हो नदी हो पानी हो
दिल की रानी हो तो फिर बेड़ा पार हो
चौदो पेशानी हो आँख मस्तानी हो
चौदो पेशानी हो आँख मस्तानी हो
छायी आसमानी हो तो फिर बेडा पर है
शाम सुहानी हो

बाग बगीचे हो
बाग बगीचे हो बिछे गलीचे हो
नौकर हो चकर हो आगे हो पीछे हो
रेशमी सूट हो मखमली बूट हो
रेशमी सूट हो मखमली बूट हो
हुस्न का सहर हो प्यार की लूट हो
होटल ईरानी हो मुर्गा बिरयानी हो
पर दौलत बेगानी हो तो फिर बेडा पर है
शाम सुहानी हो तो

ऐसी कोई रात हो अपनी बारात हो
ऐसी कोई रात हो अपनी बारात हो
दुल्हन का साथ हो प्यार की बात हो
हीरो का ताज हो कल नहीं आज हो
हीरो का ताज हो कल नहीं आज हो
फांसी पे सैर करो पिता जी का राज हो
बगल में रानी हो चाहे वो कनि हो
अरे जानी पहचानी हो तो फिर बेडा पर है
शाम सुहानी हो

ऐसी तक़दीर हो अपनी जागीर हो
दोनों हाथों में बाल बच्चो की लकीर हो
महल त्यार हो जिसमे परिवार हो
महल त्यार हो जिसमे परिवार हो
मेरे बच्चो के बच्चे एक हज़ार हो
बच्चो की नानी हो उसकी पडनाणी हो
पडनाणी की नानी तो फिर बेडा पार हो
शाम सुहानी हो नदी हो पानी हो
शाम सुहानी हो नदी हो पानी हो
दिल की रानी हो तो फिर बेड़ा पार हो
चौदो पेशानी हो आँख मस्तानी हो
छायी आसमानी हो तो फिर बेडा पर है
शाम सुहानी हो.


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