हमरा मुखड़ा चांद का टुकड़ा Hamra Mukhda Chand Ka Tukda Lyrics

हमरा मुखड़ा चांद का टुकड़ा Hamra Mukhda Chand Ka Tukda Lyrics Lyrics

“Hamra Mukhda Chand Ka Tukda” Song Details:

Movie: Anpadh (1978)
Singer(s): Asha Bhosle, Mohammed Rafi
Lyricist(s): Majrooh Sultanpuri
Composer(s): Hemant Kumar
Music Director(s): Hemant Kumar
Genre(s): Playful
Director(s): S.M. Sagar
Music Label: © Polydor
Starring: Ashok Kumar, Parikshat Sahni, Zarina Wahab, Vijayendra Ghatge, Aruna Irani, Deven Verma, Brahmachari, Meena T., Master Innu, Rukhsana, M.B. Shetty, Preeti Ganguli, Sarika, Asha Parekh, Anwar Hussain
Release on: 3rd August, 1978

लिरिक्सबोगी.कॉम

हमरा मुखड़ा चांद का टुकड़ा
हमरा मुखड़ा चांद का टुकड़ा
फूलन जैसे बोल देख के हमरा
देख के हमरा हुसन जवानी
मत हो दवा दोल
कहो ये कैसी कही
कहो ये कैसी कही
कैसी कही कैसी कही
कहो ये कैसी कही
कहो कहो कहो
कहो ये कैसी कही

देख तुम्हारी मस्त जवानी
देख तुम्हारी मस्त जवानी
हो गए दवा दोल लेकिन थोड़ी
लेकिन थोड़ी तुम भी तसल्ली
करना के अनमोल
कहो ये कैसी कही
कैसी कही कैसी कही
कहो ये कैसी कही

देखो हमसे न टकराना
हम है बांके लाल
पिए न दारू फिर भी
हमरी चल में है बोचल
देखो हमसे न टकराना
हम है बांके लाल
देखो हमसे न टकराना
हम है बांके लाल
पिए न दारू फिर भी
हमरी चल में है बोचल
कहो ये कैसी कही
ाहा कहो ये कैसी कही

दूध के जैसा रंग है
मेरा हिरणी जैसी चाल
सुन कर मेरी ग़ज़ल
गवैये भूल गए सुर ताल
दूध के जैसा रंग है
मेरा हिरणी जैसी चाल
दूध के जैसा रंग है
मेरा हिरणी जैसी चाल
सुन कर मेरी ग़ज़ल
गवैये भूल गए सुर ताल
हा हा भूल गए भूल गए
भूल गए सुर ताल
भूल गए सुर ताल
कहो ये कैसी कही
ाहा कहो ये कैसी कही

लैके लटके झटके
अपनी कमर जो हम झटकाये
हा जी कमार जो हम झटकाये
तुम जैसी पचीस नहानिया
झटकों में झटकाये
झटकों में झटकाये
अल्लाह कैसे दिन आये है
अल्लाह कैसे दिन आये है
गेंदे नाच दिखाए
अरे गेण्डे नाच दिखाए
ऐसी घेरे धर कमर में
बल वल न पद जाये
हाय हाय बल वल न पद जाये
देखो गोरी हम मर्दन की
इज़्ज़त पे न जाओ
अरे इज़्ज़त पे न जाओ
अपनी छल्लेदार कमर पे
इतना न इतरा
इतना न इतरा
ऐसी वैसी तुम ये ता
था थैया न फर्मो
मन के अपनी हर यहाँ से
वापिस घर को जाओ
वापिस घर को जाओ
अरे तुम तुम वापिस घर को जाओ
तुम वापिस घर को जाओ


यही हम तो रहेंगे
जो मर्ज़ी है कहेंगे
मिया आये कहा से
ज़मीन या आस्मा से
वो अपनी वारणशी
वही के हम है वैसी
मेरा भेजा न खाओ
वहीं तुम लौट आओ
नहीं हम जाने वाले
जले सब जलने वाले
मेरी तौबा इलाही
हातले ये तबाही
तो पहले हर मनो
हमें उस्ताद जनो
नज़र का वार है ये
तुम्हारी हार है ये
नज़र बेकार है ये
तुम्हारी हार है ये
तुम्हारी हार है ये
तुम्हारी हार है ये
तुम्हारी हार है ये
हार है ये हार है ये
हार है ये हार है ये
हर है ये

यार पते की बात कहूँ मै
यार पते की बात कहूँ मै
छोडो ये तक्रार प्यार में उसकी
प्यार में उसकी जीत है
जो मन ले अपनी हर
कहो ये कैसी कही
मेरी जा खूब कही
कहो ये कैसी कही
मेरी जा खूब कही
कैसी कही खुब कही
कैसी कही खुब कही
कैसी कही खुब कही.

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