चली चली कैसी हवा Chali Chali Kaisi Hawa Lyrics

चली चली कैसी हवा Chali Chali Kaisi Hawa Lyrics Lyrics

“Chali Chali Kaisi Hawa” Song Details:

Movie: Bluff Master
Singer(s): Shamshad Begum, Usha Mangeshkar
Lyricist(s): Rajendra Krishan
Composer(s): Anandji Virji Shah, Kalyanji Virji Shah
Music Director(s): Anandji Virji Shah, Kalyanji Virji Shah
Genre(s): Funny, Masti
Director(s): Manmohan Desai
Music Label: © Saregama
Starring: Shammi Kapoor, Saira Banu, Pran, Lalita Pawar

लिरिक्सबोगी.कॉम

ओय चली चली कैसी हवा यह चली
ओय चली चली कैसी हवा यह चली
के भँवरे पे मरने लगी है काली
के भँवरे पे मरने लगी है काली
ओय जली जली कलियों की किस्मत जलि
ओय जली जली कलियों की किस्मत जलि
के लगाती है भँवरों की सूरत भली
के लगाती है भँवरों की सूरत भली

मुँह से इंकार जो यह करते है
साफ़ जाहिर है हम पे मरते है
मुँह से इंकार जो यह करते है
साफ़ जाहिर है हम पे मरते है
राज़ छुपता नही छुपाने से
और मचलेगा दिल दबाने से
आ आ आ आ आ
अगर मचलेगा यह दिल तोह
हमें समझाना आता है
अगर मचलेगा यह दिल तोह
हमें समझाना आता है
के इस भूले हुए को राह
पर भी लाना आता है
ओय चली चली कैसी हवा यह चली
ओय चली चली कैसी हवा यह चली
के भँवरे पे मरने लगी है काली
के भँवरे पे मरने लगी है काली
ोय जली जली कलियों की किस्मत जलि
ोय जली जली कलियों की किस्मत जलि
के लगाती है भँवरों की सूरत भली
के लगाती है भँवरों की सूरत भली

दिल लगाने को खेल कहते हो
किस जहां में हुजूर रहते हो
दिल लगाने को खेल कहते हो
किस जहां में हुजूर रहते हो
इश्क़ की बात और होती है दिल
तड़पता है आँख रोती है
ओ ओ ओ ओ ओ
समझते हो हमें क्या
हम नहीं है रोनेवालों में
समझते हो हमें क्या
हम नहीं है रोनेवालों में
किसी से प्यार करके हम तोह
है खुश होनेवालों में
ओय जली जली कलियों की किस्मत जलि
ओय जली जली कलियों की किस्मत जलि
के लगाती है भँवरों की सूरत भली
के लगाती है भँवरों की सूरत भली
ओय चली चली कैसी हवा यह चली
ओय चली चली कैसी हवा यह चली
के भँवरे पे मरने लगी है काली
के भँवरे पे मरने लगी है काली

हमने कातिल तुम्हे बनाया है
इश्क़ का रास्ता दिखाया है
हमने कातिल तुम्हे बनाया है
इश्क़ का रास्ता दिखाया है
तुम मोहब्बत हमें सिखाते हो
और आँखें हमें दिखाते हो
आ आ आ आ आ
मोहब्बत हो अगर सच्ची
जुबां खामोश रहती है
मोहब्बत हो अगर सच्ची
जुबां खामोश रहती है
यह है वह शम्मा जो
कानो से रुफोष रहती है
ओय चली चली कैसी हवा यह चली
ओय चली चली कैसी हवा यह चली
के भँवरे पे मरने लगी है काली
के भँवरे पे मरने लगी है काली.

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