खुली पलक में झूठा ग़ुस्सा Khuli Falak Mein Chali Lyrics

खुली पलक में झूठा ग़ुस्सा Khuli Falak Mein Chali Lyrics Lyrics

“Khuli Falak Mein Chali” Song Details:

Movie: Professor (1962)
Singer(s): Mohammed Rafi
Lyricist(s): Shailendra (Shankardas Kesarilal)
Composer(s): Jaikishan Dayabhai Panchal, Shankar Singh Raghuvanshi
Music Director(s): Jaikishan Dayabhai Panchal, Shankar Singh Raghuvanshi
Genre(s): Romantic
Director(s): Lekh Tandon
Music Label: © Saregama
Starring: Shammi Kapoor, Kalpana, Lalita Pawar
Release on: 20th January, 1962

लिरिक्सबोगी.कॉम

ज़रा ठहरो
सदा मेरे दिल की ज़रा सुनते जा
खुली पलक में झूठा ग़ुस्सा, बंद पलक में प्यार
जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल
आँखों में इक़रार की झलकी, होंठों पे इनकार
जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल

जिस दिन से देखा तुमको, तुम लगे मुझे अपने-से
और आते रहे आँखों में
और आते रहे आँखों में
एक मन चाहे सपने से
समझ न आए, क्या जीता मैं और गया क्या हार
जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल
खुली पलक में झूठा ग़ुस्सा, बंद पलक में प्यार
जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल

तुम प्यार छुपाके हारे, मैं प्यार जताके हारा
अब तो सारी दुनिया पे
अब तो सारी दुनिया पे
ज़ाहिर है हाल हमारा
पहुँचके इस मंज़िल पे
लौटना अब तो है दुश्वार
जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल
खुली पलक में झूठा ग़ुस्सा, बंद पलक में प्यार
जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल

इसे मेरी बात ना समझो
क्या बनता है बात बनाके
कुछ कहना था मेरे दिल का हो
कुछ कहना था मेरे दिल का
जाता हूँ वही दोहरा के
ना हो यक़ीं तो पढ़कर देखो
आँखों में एक बार
जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल

खुली पलक में झूठा ग़ुस्सा, बंद पलक में प्यार
जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल
आँखों में इक़रार की झलकी, होंठों पे इनकार
जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल
जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल.


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