दुल्हन कोई जब जब Dulhan Koi Jab Jab Lyrics

दुल्हन कोई जब जब Dulhan Koi Jab Jab Lyrics Lyrics

“Dulhan Koi Jab Jab” Song Details:

Movie: Mehndi
Singer(s): Sadhana Sargam
Lyricist(s): Rani Malik
Composer(s): Babul Bose
Music Director(s): Babul Bose
Genre(s): Wedding
Director(s): Hamid Ali Khan
Music Label: © Saregama-HMV
Starring: Faraaz Khan, Rani Mukerji, Ushma Rathod
Release on: 13th November, 1998

दुल्हन कोई जब जब रचाती है मेहँदी
तो मायके की यादें बुलाती है मेहँदी
दुल्हन कोई जब जब रचाती है मेहँदी
तो मायके की यादें बुलाती है मेहँदी
निगाहों में जितने है सपने कँवरे
सभी को सुहागण बनाती है मेहँदी

दुल्हन कोई जब जब रचाती है मेहँदी
तो मायके की यादें बुलाती है मेहँदी

सभी बेटियां किसी की अमानत
यही रीत दुनिया में सब ने निभायी
पति और पत्नी के पावन मिलान पे
ये मेहँदी हमेसा बानी है गवाही

सभी जोडिया आसमा पर है बंटी
जमी पे उन्ही को मिलाती है मेहँदी
दुल्हन कोई जब जब रचाती है मेहँदी
तो मायके की यादें बुलाती है मेहँदी
तो मायके की यादें बुलाती है मेहँदी


वो दाहजिद चुटी वो ऑंगन भी छूटा
जहां से जन्मा और जाना था मैंने
वो ढली जिस से मै उड़के गयी थी
वह लौट के आना था मैंने
हस्ती है मेहँदी रुलाती है मेहँदी
बनती है मेहँदी मिटती है मेहँदी
बनती है महन्दी मिटती है मेहंदी

ये रिस्ते है रेशम के धागे के जैसे
इन्हे जैसे बन्दों बैंडेज वैसे
करो दुर हर फैसले का आदर
जहा खुल गयी आँख समजे सवेरा
गीले और शिकवे मिटाती है मेहँदी
ये बिछडे हुओ को मिलाती है मेहँदी
गीले और शिकवे मिटाती है मेहँदी
ये बिछडे हुओ को मिलाती है मेहँदी
ये बिछडे हुओ को मिलाती है मेहँदी.

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