रोक सको तोह रोक लो Rok Sako To Rok Lo Lyrics

रोक सको तोह रोक लो Rok Sako To Rok Lo Lyrics Lyrics

“Rok Sako To Rok Lo” Song Details:

Movie: Rok Sako To Rok Lo
Singer(s): Babul Supriyo, Ishaan, Lalit Pandit, Shaan, Shreya Ghoshal
Lyricist(s): Prasoon Joshi
Composer(s): Jatin Pandit, Lalit Pandit
Music Director(s): Jatin Pandit, Lalit Pandit
Genre(s): Happy (Feel Good)
Director(s): Arindam Chaudhuri
Music Label: © Saregama
Starring: Yash Pandit, Manjari Fadnis, Sunny Deol, Carran Kapur, Aparna Kumar, Ram Menon
Release on: 10th December, 2004

लिरिक्सबोगी.कॉम

थोड़े से अलग हैं थोड़े
खिसके से हैं हम
जी चाहे जहाँ रुक
जाए मनमोजी कदम
थोड़े से अलग हैं थोड़े
खिसके से हैं हम
जी चाहे जहाँ रुक
जाए मनमोजी कदम

आवारा पहिरे या
चाहे चुमे आसमान
अच्छे या बुरे जो
भी हैं ऐसे ही हैं हम

थोड़े से अलग हैं थोड़े
खिसके से हैं हम
जी चाहे जहाँ रुक
जाए मनमोजी कदम
आवारा पहिरे या
चाहे चुमे आसमान
अच्छे या बुरे जो भी
हैं ऐसे ही हैं हम
रोक सको तोह रोक लो
रोक सको तोह रोक लो
रोक सको तोह रोक लो
रोक सको तोह रोक लो

ऊपरवाला जब बनाने
बैठा था हमें
शायद अच्छे मूड
में था फुर्सद थी उसे
ऊपरवाला जब बनाने
बैठा था हमें
शायद अच्छे मूड
में था फुर्सद थी उसे

दिल बनाया एक बड़ा
सा भर दी मस्तिया
बोलै जाउ खोल दो
अब्ब साड़ी कश्तिया
थोड़े से अलग हैं
थोड़े खिसके से हैं हम
जी चाहे जहाँ रुक
जाए मनमोजी कदम
आवारा पहिरे या
चाहे चुमे आसमान
अच्छे या बुरे जो
भी हैं ऐसे ही हैं हम
रोक सको तोह रोक लो रोक लो
रोक लो रोक सको तोह रोक लो
रोक सको तोह रोक लो हाँ हाँ
रोक लो रोक सको तोह रोक लो


हमसे ज्यादा क्यों
हमारी दुनिया को फ़िक्र
टेण्टिंग वेंटिंग सब
कराई लेकिन बेअसर
हमसे ज्यादा क्यों
हमारी दुनिया को फ़िक्र
टेण्टिंग वेंटिंग सब
कराई लेकिन बेअसर
किस्मत अपनी जेब में
है दिखलाडो इन्हे
मंजिल अपनी है
पडोसी मिलवाडो इन्हे

थोड़े से अलग हैं थोड़े
खिसके से हैं हम
जी चाहे जहाँ रुक
जाए मनमोजी कदम
थोड़े से अलग हैं
थोड़े खिसके से हैं हम
जी चाहे जहाँ रुक
जाए मनमोजी कदम
आवारा पहिरे या
चाहे चुमे आसमान
अच्छे या बुरे जो भी
हैं ऐसे ही हैं हम
रोक सको तोह रोक लो रोक लो
रोक लो रोक सको तोह रोक लो
रोक सको तोह रोक लो हाँ हाँ
रोक लो रोक सको तोह रोक लो.

Facebook
X
LinkedIn
WhatsApp
Pinterest
Reddit
Telegram
Email
Threads
VK
Scroll to Top